मनोज तिवारी
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कंगना कभी-कभी मर्यादा खो देती हैं
मनोज तिवारी ने आगे कहा, अगर कोई मुख्यमंत्री के पद पर है उसे सम्मान देना आवश्यक है, उसके पद की गरिमा है। कोई प्रधानमंत्री के पद पर है उनके साथ भी ऐसा है। विरोध करिए लेकिन भाषा मर्यादित होनी चाहिए। कंगना भाषा में मर्यादा में खो देती हैं।