अब 67 बरस के हो चुके रजनीकांत यदि इस उम्र में भी 22 साल के कॉलेज गोइंग स्टूडेंट्स का किरदार निभाएं तो भी उनके चाहने वाले दर्शक उन पर सिक्के बरसाएंगे। तय है कि फिल्म सुपरहिट होगी और उसकी टिकटें काउंटर खुलने के एक घंटे बाद ही बिक जाएंगी। रजनीकांत एक ऐसे अभिनेता हैं जिन्होंने फैन नहीं बल्कि फालोअर बनाए हैं।
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10 साल के बच्चे से लेकर 80 की उम्र तक के बूढ़े तक उनकी स्टाईल के फैन हैं। उनकी स्टाइल भी खूब है। उनके बोलने का अंदाज, चलने का तरीका और उछालकर सिगरेट को होठों से दबाने की अदा को कोई कापी नहीं कर सका। यहां तक कि साउथ में तो उनके मंदिर बने हैं, जहां उनकी पूजा होती है।
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रजनीकांत का असली नाम शिवाजीराव गायकवाड़ है। उनका जन्म 12 दिसंबर 1950 को बैंगलोर में एक मराठा परिवार में हुआ। रजनीकांत की कामयाबी का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। एक बस कंडक्टर कैसे देश का सबसे महंगा सितारा बन गया इसकी कहानी बेहद दिलचस्प है।
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निर्देशक के बालाचंदर ने 1975 में उन्हें एक बस में खास स्टाइल में टिकट काटते देखा था और उन्हें फिल्मों में काम करने का ऑफर दिया।देखते-देखते अपने अनोखे अंदाज के दम पर एक बस कंडक्टर तमिल सिनेमा का सबसे बड़ा सुपरस्टार बन गया।
रजनीकांत का फिल्मी सफर 1975 में अपूर्व 'रागंगल' नाम की फिल्म से शुरू हुआ। बालाचंदर ने इस फिल्म में उन्हें सहायक खलनायक का किरदार दिया था। बाद में रजनी ने हर तरह के रोल निभाए। फिल्मों में रजनीकांत की फीस को लेकर भी उनके एक्शन के तरह ही तरह-तरह की बातें हमेशा होती रहीं हैं।