फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जन्मदिन पर चाहने वालों को आई मायानगरी की इस 'महारानी' की याद, इन 10 किरदारों से जमाया रंग

Mon, 11 May 2020 07:04 AM IST
Mishra Mishra अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
1 of 11
सदाशिव अमरापुरकर - फोटो : Social Media
सिनेमा और  रंगमच के अभिनेता सदाशिव अमरापुरकर ने लगभग दो दशकों तक अपनी बहुमुखी प्रतिभा से सिनेप्रेमियों का मनोरंजन किया है। वह ऐसे कलाकार रहे जिन्होंने नकारात्मक किरदार करके लोगों की रूह कंपा दी और कॉमेडी किरदार करके लोगों को ठहाके लगाने पर भी मजबूर किया। वह भले ही अब इस दुनिया का हिस्सा नहीं है लेकिन उनकी फिल्मों के जरिए वह हमेशा ही लोगों के जेहन में बने रहेंगे। आज हम आपको उनके कुछ ऐसे किरदारों के बारे में बताते हैं जिन्होंने इस कलाकार को हमेशा के लिए यादगार बना दिया।
विज्ञापन

2 of 11
सदाशिव अमरापुरकर - फोटो : Social Media
किरदार : रामा शेट्टी
फिल्म : अर्ध सत्य (1984)

इस फिल्म के निर्देशक गोविंद निहलानी लोकल माफिया डॉन रामा शेट्टी के किरदार के लिए एक नए कलाकार को चाहते थे लेकिन उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि वह किसे लें। फिल्म के पटकथा लेखक विजय तेंदुलकर ने उन्हें सुझाव दिया कि वह उनके साथ थिएटर में चलकर एक मराठी नाटक देखें। वह दोनों जब सदाशिव अमरापुरकर के नाटक 'हैंड्स अप' को देखने गए तो सदाशिव के अभिनय से वे बहुत प्रभावित हुए। तब सदाशिव को इस फिल्म में किरदार मिला। सदाशिव ने इस किरदार को इतनी बेहतरी से निभाया के सहायक कलाकार के रूप में उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया।
विज्ञापन

3 of 11
खामोश - फोटो : Social Media
किरदार : फिल्म निर्माता चंद्रन
फिल्म : खामोश (1985)

विधु विनोद चोपड़ा के निर्माण और निर्देशन में बनी इस फिल्म में बड़े-बड़े कलाकारों की एक टुकड़ी थी। इसमें अमोल पालेकर, नसीरूद्दीन शाह, शबाना आजमी, पंकज कपूर, सोनी राजदान, सुषमा सेठ, पवन मल्होत्रा, अवतार गिल, सुधीर मिश्रा और सदाशिव अमरापुरकर मुख्य हैं। सदाशिव उस समय तक इतने मशहूर नहीं थे फिर भी उन्होंने अपने अभिनय के दम पर इतने बड़े कलाकारों के बीच एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने इस फिल्म में एक फिल्म निर्माता का किरदार निभाया है जो बहुत ही प्रभावशाली था।

4 of 11
सदाशिव अमरापुरकर - फोटो : Social Media
किरदार : दीनबंधु दीनानाथ
फिल्म : हुकूमत (1987)

सदाशिव अभी तक बहुत मशहूर नहीं हुए थे। इस फिल्म को जब उन्होंने साइन किया था उस वक्त उन्होंने सिनेमा में कदम रखा ही था। फिल्म 'अर्ध सत्य' के बाद उनके लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण फिल्म रही। उन्होंने इस फिल्म में मुख्य विलेन का किरदार निभाया। एक विलेन के रूप में वे इतने खतरनाक दिखे कि उस समय के सबसे खतरनाक खलनायको में उनकी गिनती होने लगी थी। फिल्म में मंगल सिंह से दीनबंधु दीनानाथ बनने तक उनका अभिनय काबिले तारीफ रहा।
विज्ञापन

5 of 11
सड़क - फोटो : Social Media
किरदार : महारानी
फिल्म : सड़क (1991)

इस फिल्म के हीरो तो संजय दत्त हैं लेकिन फिल्म को सदाशिव अमरापुरकर के शानदार अभिनय के लिए याद किया जाता है। सदाशिव ने फिल्म में एक ट्रांसजेंडर महारानी का ऐसा किरदार निभाया है जिससे लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। संजय दत्त उन दिनों ड्रग्स का नशा करते थे तब उन्होंने झोपड़पट्टी इलाके में महारानी जैसा एक किन्नर देखा था। वह किरदार उनके जेहन में घर कर गया था इसलिए उन्होंने इसके बारे में फिल्म के निर्देशक महेश भट्ट को बताया। महेश भट्ट ने ऐसा ही किरदार अपनी फिल्म में ईजाद किया और उसे निभाया सदाशिव अमरापुरकर ने। इस बेहतरीन प्रस्तुति के लिए सदाशिव को सर्वश्रेष्ठ खलनायक के फिल्मफेयर अवार्ड से नवाजा गया था।
विज्ञापन

6 of 11
सदाशिव अमरापुरकर - फोटो : Social Media
किरदार : इंस्पेक्टर प्यारे मोहन
फिल्म : आंखें (1993)

उस समय के सबसे बड़े कॉमेडी के बादशाह माने जाने वाले अभिनेता गोविंदा इस फिल्म में चंकी पांडे के साथ बढ़िया तालमेल में नजर आए। लेकिन इस फिल्म में कॉमेडी के लिए अगर किसी की प्रशंसा हुई तो वे थे सदाशिव अमरापुरकर और कादर खान। इन दोनों की कॉमेडी के सामने गोविंदा और चंकी पांडे फीके पड़ते नजर आए। सदाशिव अमरापुरकर ने इसमें एक भुलक्कड़ पुलिस वाले का किरदार निभाया है जो कादर खान के साथ अपने प्यार को पाने का मुकाबला करते हैं।
विज्ञापन

7 of 11
मोहरा - फोटो : Social Media
किरदार : कामदेव कुलकर्णी
फिल्म : मोहरा (1994)

इस फिल्म में सदाशिव अमरापुरकर को पर्दे पर ज्यादा समय नहीं मिला। लेकिन यही तो उनके किरदार की और उनके अभिनय की खासियत रही कि उन्होंने थोड़े से समय में भी ऐसा काम किया कि वह लोगों को याद रह गए। इस फिल्म में सदाशिव ने एक मसखरे पुलिस इंस्पेक्टर कामदेव कुलकर्णी का किरदार निभाया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म है लेकिन कामदेव कुलकर्णी का काम इस फिल्म में बीच-बीच में कॉमेडी का तड़का लगाना था।

8 of 11
सदाशिव अमरापुरकर - फोटो : Social Media
किरदार : शादीराम घरजोड़े
फिल्म : कुली नंबर 1 (1995)

एक सहायक कलाकार के रूप में सदाशिव इस फिल्म में बहुत ही शानदार कलाकार के रूप में नजर आए। फिल्म में इनका मुख्य किरदार नहीं है लेकिन कहानी इन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती है। जैसा कि नाम से जाहिर है शादीराम घरजोड़े का काम लोगों की शादी कराने और उनके रिश्ते फिक्स करवाने का है। जब होशियार चंद (कादर खान) शादी राम को अपने घर से बेइज्जत करके निकाल देता है तब शादी राम अपने अपमान का बदला लेने के लिए और होशियार चंद को सबक सिखाने के लिए एक नाटक रचता है।

9 of 11
सदाशिव अमरापुरकर - फोटो : Social Media
किरदार : रंजीत राय
फिल्म : इश्क (1997)

इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आमिर खान, अजय देवगन, जूही चावला और काजोल ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म में सदाशिव अमरापुरकर का किरदार अजय देवगन के पिता का है। वह अपने बेटे की शादी अपने बराबर के खानदान में करवाना चाहते हैं, जबकि अजय का दिल एक गरीब लड़की काजल पर आ जाता है। यह एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है जिसमें अजय के पिता और उनके दोस्त हरबंस लाल सक्सेना विलेन के रूप में नजर आते हैं। इस फिल्म के लिए सदाशिव को बेस्ट विलेन के फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित किया गया था।

10 of 11
गुप्त - फोटो : Social Media
किरदार : इंस्पेक्टर नीलकंठ
फिल्म : गुप्त (1997)

इस फिल्म को काजोल के नकारात्मक किरदार में बेहतरीन अभिनय के लिए जाना जाता है।  इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ विलेन के फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया था। काजोल ने इस फिल्म में एक खतरनाक कातिल का किरदार निभाया है। इस सस्पेंस थ्रिलर फिल्म को राजीव राय ने निर्देशित किया है। सदाशिव अमरापुरकर इस फिल्म में इंस्पेक्टर नीलकंठ दीक्षित के रूप में नजर आए। वह अपने साथी हवलदार पांडू (अशोक सराफ) के साथ मिलकर अचानक से हुए कत्ल की छानबीन करता है। ऐसी गंभीर फिल्म में भी वह बीच-बीच में कॉमेडी का तड़का भी लगाते रहते हैं।
विज्ञापन

11 of 11
बॉम्बे टॉकीज - फोटो : Social Media
किरदार : सदाशिव अमरापुरकर
फिल्म : बॉम्बे टॉकीज (2013)

सदाशिव अमरापुरकर ने इस फिल्म में खुद का ही किरदार निभाया है। दरअसल यह उनकी जिंदगी का नहीं है बल्कि उनके भूत बनने का किरदार है। यह फिल्म चार कहानियों का एक संकलन है जिसको अलग-अलग निर्देशक करण जौहर, दिबाकर बनर्जी, जोया अख्तर और अनुराग कश्यप ने निर्देशित किया है। इस फिल्म में सदाशिव दिवाकर बनर्जी एक कहानी 'स्टार' का हिस्सा रहे। नसीरुद्दीन शाह के साथ मिलकर उन्होंने बेहतरीन अदाकारी का नमूना पेश किया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें