एक सीन विजय राज कहते हैं, 'दरअसल हम जब भी हिचकी ले रहे हैं कौवे का आवाज आ रहा है।' इस पे पंकज त्रिपाठी कहते हैं, 'का खाए थे'। विजय राज कहते हैं, 'दरअसल हम पांच रुपये वाला चिकन बिरयानी खाए थे।' पंकज जवाब देते हैं, 'पांच रुपये वाला चिकन बिरयानी...भैया ऊ कौवा बिरयानी है।'
ये सीन साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म रन का है जिसमें पंकज त्रिपाठी महज 10 सेकेंड के लिए नजर आए थे। तब किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि ये शख्स एक दिन बॉलीवुड का इतना बड़ा कलाकार बनेगा। पंकज त्रिपाठी का फिल्मी सफर बहुत मुश्किलों भरा रहा है। उन्हें अपनी पहचान बनाने में सालों लग गए। एक वो दौर था जब त्रिपाठी जी ऑडिशन में ईश्वर की सिफारिश लेकर जाया करते थे। ये किस्सा बहुत मजेदार है। आज पंकज त्रिपाठी के जन्मदिन पर आपको बताते हैं ये मजेदार किस्सा...।