लता मंगेशकर का आज 87वां जन्मदिन है। लता मंगेशकर भारत की सबसे लोकप्रिय और आदरणीय गायिका हैं। लता का जीवन उपलब्धियों से भरा पड़ा है। हालांकि सफलता की राह कभी आसान नहीं होती। लता जी को भी सुरों की महारानी बनने में किन-किन मुसीबतों और दौर से गुजरना पड़ा, ये हम आपको बताएंगे।
आगे की स्लाइड्स में जानिए लता का पूरा जीवन।
विज्ञापन
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
2 of 15
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर के मराठी परिवार में पंडित दीनदयाल मंगेशकर के घर हुआ। इनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे। इसलिए संगीत इन्हें विरासत में मिला। लता मंगेशकर का पहला नाम 'हेमा' था, मगर जन्म के 5 साल बाद माता-पिता ने इनका नाम 'लता' रख दिया था।
विज्ञापन
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
3 of 15
दीनानाथ ने लता को तब से संगीत सिखाना शुरू किया, जब वे पांच साल की थी। उनके साथ उनकी बहनें आशा, ऊषा और मीना भी सीखा करतीं थीं। लता 'अमान अली ख़ान साहिब' और बाद में 'अमानत ख़ान' के साथ भी पढ़ीं।
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
4 of 15
लता ने पांच साल की छोटी उम्र में पहली बार एक नाटक में अभिनय किया। शुरुआत जरूर अभिनय से हुई लेकिन लता की दिलचस्पी तो संगीत में ही थी।
विज्ञापन
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
5 of 15
14 वर्ष की उम्र में लता फिल्मों में हीरो या हीरोइन की बहन का रोल अदा किया करती थीं पर साथ ही उन्होंने संगीत की शिक्षा भी जारी रखी।
विज्ञापन
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
6 of 15
लता महज एक दिन के लिए स्कूल गई थी। इसकी वजह यह रही कि जब वह पहले दिन अपनी छोटी बहन आशा भोंसले को स्कूल लेकर गई तो अध्यापक ने आशा भोंसले को यह कहकर स्कूल से निकाल दिया कि उन्हें भी स्कूल की फीस देनी होगी। बाद में लता ने निश्चय किया कि वह कभी स्कूल नहीं जाएंगी। हालांकि बाद में उन्हें न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी सहित छह विश्वविद्यालयों में मानक उपाधि से नवाजा गया।
विज्ञापन
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
7 of 15
लता मंगेशकर हमेशा से ही ईश्वर के द्वारा दी गई सुरीली आवाज़, जानदार अभिव्यक्ति व बात को बहुत जल्द समझ लेने वाली अविश्वसनीय क्षमता का उदाहरण रहीं हैं। इन्हीं विशेषताओं के कारण उनकी इस प्रतिभा को बहुत जल्द ही पहचान मिल गई थी।
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
8 of 15
लता को अपने सिने करियर में मान-सम्मान बहुत मिले हैं। वे फिल्म इंडस्ट्री की पहली महिला हैं जिन्हें भारत रत्न और दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त हुआ। उनके अलावा सत्यजीत रे को ही यह गौरव प्राप्त है।
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
9 of 15
वर्ष 1974 में लंदन के सुप्रसिद्ध रॉयल अल्बर्ट हॉल में उन्हें पहली भारतीय गायिका के रूप में गाने का अवसर प्राप्त है। सन 1974 में दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का 'गिनीज़ बुक रिकॉर्ड' उनके नाम पर दर्ज है।
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
10 of 15
भारत की 'स्वर कोकिला' लता मंगेशकर ने 20 भाषाओं में 30,000 गाने गाये हैं। इनकी आवाज़ ने छह दशकों से भी ज़्यादा संगीत की दुनिया को सुरों से नवाज़ा है।
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
11 of 15
लता की सबसे पसंदीदा फिल्म द किंग एंड आई है। हिंदी फिल्मों में उन्हें त्रिशूल, शोले, सीता और गीता, दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे और मधुमती पसंद हैं। वर्ष 1943 में प्रदर्शित ही फिल्म किस्मत उन्हें इतनी पसंद आई कि उन्होंने यह फिल्म तकरीबन पचास बार तक देखी थी।
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
12 of 15
लता ने मोहम्मद रफी के साथ सैकड़ो गीत गाए थे, लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया था जब उन्होंने रफी से बातचीत बंद कर दी थी। दोनों ने एक साथ गीत गाने से इंकार कर दिया था। हालांकि चार वर्ष के बाद अभिनेत्री नरगिस के प्रयास से दोनों ने एक साथ एक कार्यक्रम में ‘दिल पुकारे’ गीत गाया।
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
13 of 15
वर्ष 1962 में लता की जान लेने की कोशिश की गईं। तब उन्हें स्लो प्वॉइजन दिया गया। लता की बेहद करीबी पदमा सचदेव ने इसका जिक्र अपनी किताब ‘Aisa Kahan Se Lauen’में किया है। हालांकि उन्हें मारने की कोशिश किसने की, इसका खुलासा आज तक नहीं हो पाया।
87 की हुईं लता दीदी, 10 मिनट में जाने उनका जीवन सफर
14 of 15
लता तब बहुत निराश हो गई थीं जब गायक और म्यूजिक कंपोजर स्वर्गीय भूपेन हजारिका की पत्नी प्रियंवदा ने भूपेन और लता के बीच प्रेम संबंध होने का दावा किया था। लता के लिए इस बात की कल्पना करना भी अपने आपको दुख देने जैसा था। लता मंगेशकर ने जिस तरीके से गाने का रियाज किया है इस कारण ही भारत को विश्व की मशहूर गायिका मिल पाई है।