फिल्म ‘स्वामी विवेकानंद’ में अभिनय के लिए अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इस पुरस्कार से बड़ा पुरस्कार रहा इस पुरस्कार के लिए उन्हें चुनने वाली ज्यूरी के अध्यक्ष ऋषिकेश मुखर्जी का ये कथन, ‘ये फिल्म ऐसी है जिसके आगे हर अवार्ड बेकार है। ऐसा अभिनय बस ईश्वर ही किसी से करा सकता है, किसी इंसानी निर्देशक की तो बिसात ही क्या। हमें इसके लिए तुम्हें अवार्ड तो देना ही है लेकिन फिल्म में चूंकि टाइटल रोल किसी और ने किया है तो बेस्ट एक्टर अवार्ड देना ठीक नहीं रहेगा, हम सब तुम्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवार्ड देते हैं।’ मिथुन अपने करियर में हर ऐसे मोड़ पर दर्शकों को चौंकाने के लिए जाने जाते हैं, जब फिल्म समीक्षक उन्हें चुका हुआ सितारा लिखने लगते हैं। फिल्म ‘स्वामी विवेकानंद’ 12 जून 1998 को रिलीज हुई। और, इससे साल भर पहले जो फिल्में मिथुन चक्रवर्ती की 1997 में रिलीज हुईं, उनके नाम रहे ‘शपथ’, ‘जोड़ीदार’, ‘लोहा’, ‘कालिया’, ‘गुड़िया’, ‘दादागिरी’, ‘सूरज’, ‘जीवन युद्ध’ और ‘क्रांतिकारी’।