चोरों की बारात
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
चलते चलते...
फिल्म ‘चोरों की बारात’ जिस साल रिलीज हुई, उस साल 1980 की कमाई के मामले में नंबर वन फिल्म रही थी, फिरोज खान व विनोद खन्ना स्टारर ‘कुर्बानी’, जीतेंद्र, रीना रॉय व परवीन बाबी की फिल्म ‘आशा’ ने भी उस साल खूब रंग दिखाए और दूसरे नंबर पर रही। अमिताभ बच्चन ने शत्रुघ्न सिन्हा के साथ मिलकर फिल्म ‘दोस्ताना’ में और धर्मेंद्र के साथ मिलकर फिल्म ‘राम बलराम’ में रंग जमाया। ये दोनों फिल्में कमाई की लिस्ट में तीसरे और चौथे नंबर पर रहीं। फिल्म ‘चोरों की बारात’ उस साल कमाई के मामले में पहले 10 नंबर की फिल्मों में भी शामिल नहीं थी। फिल्म ‘चोरों की बारात’ के निर्देशक हरमेश मल्होत्रा का ने श्रीदेवी को लेकर बाद में ‘नगीना’ और ‘निगाहें’ जैसी सुपरहिट फिल्में बनाई। श्रीदेवी की फिल्म ‘शेरनी’ भी उन्होंने ही बनाई थी जिसमें हीरो थे शत्रुघ्न सिन्हा। शत्रुघ्न सिन्हा और हरमेश मल्होत्रा का याराना बड़ा पुराना और काफी लंबा रहा। ‘शेरनी’ से पहले हरमेश मल्होत्रा ने शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर ‘फांसी के बाद’, ‘मंगल पांडे’, ‘अमर शक्ति’ और ‘बगुला भगत’ जैसी फिल्में बनाईं।
(‘बाइस्कोप’ कॉलम में प्रकाशित यह आलेख बौद्धिक संपदा अधिकारों के तहत संरक्षित हैं।)