आनंद फिल्म (बांग्ला) पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
ऋषिकेश मुखर्जी ने फिल्म ‘आनंद’ दरअसल बांग्ला में बनाने के लिए लिखी थी। इसे वह पहली बार राज कपूर और उत्तम कुमार के साथ बनाना चाहते थे। ये बात ऋषिकेश मुखर्जी की पहली फिल्म ‘मुसाफिर’ के रिलीज होने के भी तीन साल पहले यानी 1954 की है। लेकिन फिल्म बनी 1970 में और रिलीज हुई साल 1971 में। इस बीच आनंद के किरदार के लिए एक बार शशि कपूर का नाम भी आगे चला। ये उन दिनों की बात है जब राज कपूर गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। शशि कपूर के अलावा ऋषिकेश मुखर्जी ने इस रोल के बारे में अपनी फिल्म ‘सत्यकाम’ के दौरान धर्मेंद्र से भी बात की थी। धर्मेंद्र तैयार भी थे, लेकिन इसी बीच राजेश खन्ना से ऋषिकेश मुखर्जी की बात हुई और उन्होंने अपनी बाजार दर से कहीं कम पर ये फिल्म करने की बात मान ली। फिल्म शुरू हो गई तो धर्मेंद्र को इसका पता चला। इसके बाद तो एक दिन रात में पूरी तरंग में आने के बाद धर्मेंद्र ने फोन मिलाकर ऋषिकेश मुखर्जी का जो लेफ्ट, राइट, सेंटर किया, उसे वह अरसे तक मजे लेकर लोगों को सुनाते रहे। ऋषिकेश मुखर्जी दिलदार इंसान थे। बंबई की जीवंतता उन्हें भा गई थी। उनका आनंद इसी शहर जैसा था। अंदर से बीमार। बाहर से हंसमुख और दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार।