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Bigg Boss 13: देवोलिना भट्टाचार्य ने सिद्धार्थ शुक्ला को बताया नेक दिल इंसान, पारस को कहा 'फ्लॉप'

Sun, 01 Dec 2019 10:20 PM IST
Mishra Mishra मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
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Devoleena Bhattacharjee - फोटो : amar ujala, mumbai
बिग बॉस से निकलने वाले सदस्य अक्सर इस गेम को लेकर नकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं हालांकि शो की प्रतियोगी देवोलीना भट्टाचार्य का अनुभव काफी सकारात्मक है। बीते दिनों वह इस शो से बाहर हुई हैं। शो से निकलने की वजह उनका प्रदर्शन नहीं बल्कि उनका स्वास्थ्य है। हालांकि अगर उनकी तबियत में जल्द सुधार होता है तो वह फिर से शो का हिस्सा बन सकती हैं। घर से निकलने के बाद और आरंभिक चिकित्सा उपचार के बाद उन्होंने अमर उजाला से बिग बॉस के अपने अनुभव की यादें साझा की।

घर से बाहर निकलने के बाद फिर से आपकी वापसी हुई लेकिन अब आपको खराब स्वास्थ्य के चलते बाहर होना पड़ रहा है, कितना अफसोस हो रहा है?
मुझे अफसोस तो नहीं है क्योंकि मैं तबियत खराब होने की वजह से शो से बाहर हो रही हूं।  हालांकि मुझे बुरा जरूर लग रहा है क्योंकि बिग बॉस के  घर में, मैं इतने लोगों को छोड़ कर आई हूं और मेरा सपना भी बीच में अधूरा छूट रहा है। मुझे अभी अपनी तबियत सही करनी है उसके बाद ही मैं आगे कुछ अच्छा कर पाऊंगी।
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Devoleena Bhattacharjee - फोटो : amar ujala, mumbai
अगर आपको घर से बाहर नहीं जाना पड़ता तो आपको क्या लगता है विजता की ट्रॉफी आप अपने नाम कर पातीं?
शो से बाहर आने के बाद फिलहाल मुझे ऐसा ही लग रहा है कि मैं जीत चुकी हूं। दर्शकों से जितना प्यार, सपोर्ट और सम्मान मिला है उसकी मैंने उम्मीद नहीं की थी। अगर शो में मेरी वापसी होती है तब उस बारे में देखेंगे। लेकिन मैंने शुरू से ही कभी ट्रॉफी के बारे में नहीं सोचा था। मेरा मकसद सिर्फ लोगों के दिलों में जगह बनाने का था जिसमें मैं काफी हद तक कामयाब हुई हूं। मैंने जो मंजिल सोची थी वह मैंने हासिल की है। हालांकि कह सकते हैं कि अगर मैं ट्रॉफी जीत जाती तो वह सोने पर सुहागा होता।

बिग बॉस के घर का अब तक का आपका सफर कैसा रहा?
बिग बॉस का मेरा अब तक का सफर बहुत ही अच्छा रहा है। यहां मुझे जिंदगी भर के लिए यादगार अनुभव मिला है।  आपको ऐसा अनुभव और कही नहीं मिल सकता है जहां आप महीनों तक अनजान लोगों के बीच रहते हैं जो अपने में ही अनोखा और दिलचस्प अनुभव है।
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Devoleena Bhattacharjee - फोटो : twitter
बिग बॉस के घर की ऐसी सकारात्मक चीजों के बारे में बताइए जो आपको दुनिया के बाहर नसीब नहीं हो सकती है?
घर में मेरे पास फोन नहीं था और इसी बात की मुझे सबसे अधिक खुशी। दरअसल मैं अपने फोन से काफी परेशान रहती हूं। वहीं दूसरी खास बात यह रही कि यहां अनजान लोगों के बीच रहने का मौका मिला। हम पहले से सोच लेते हैं कि ऐसे लोगों के साथ आपके अच्छे संबंध नहीं रह सकते हैं लेकिन होता इसका ठीक उल्टा है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि रश्मि और मेरी इतनी अच्छी दोस्ती हो जाएगी। आम धारणा भी है कि एक ही इंडस्ट्री की दो अभिनेत्रियों के बीच अच्छी दोस्ती नहीं हो सकती है हालांकि यह बात हमारे केस में गलत निकली।

सिद्वार्थ शुक्ला के साथ आपके रिश्ते कभी बनते तो कभी बिगड़ते नजर आए। क्या वजह रही इसकी?
शुरुआत में सिद्वार्थ और मेरे बीच अच्छी बातचीत रही मुझे लगा कि हम अच्छे दोस्त बने रह सकते हैं।  हालांकि बाद में कुछ गलतफहमियों की वजह से दूरियां बन गईं। वह स्वभाव से घर के सबसे गुस्सैल सदस्य हैं और ऐसी बातें बोल जाते हैं जो दूसरों को बुरी लगती है हालांकि मुझे हमेशा से लगा कि वह दिल से बुरे नहीं हैं इसलिए मैंने उनसे रिश्ता सुधारने की कोशिश की।  साथ ही उन्होंने मेरे बीमार रहने के दौरान मेरा ख्याल भी रखा था।
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Devoleena Bhattacharjee - फोटो : twitter
घर में सबसे अधिक दिमाग लगाकर और चालाकी से कौन खेल रहा है ?
घर के अंदर आप किसी भी योजना के साथ नहीं खेल सकते हैं क्योंकि यहां पर वह काम नहीं आती है। घर के अंदर परिस्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया देनी चाहिए। हालांकि पारस की बात करें तो वह घर में सबसे अधिक चालाकी से योजना बना कर खेलने की कोशिश करता है लेकिन उसकी योजनाएं भी उसी की तरह फ्लॉप है। वह दूसरों के लिए खड्डा खोदता है और खुद उसी में फंस जाता है। 
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