मुंबई शहर को सिनेमा का शहर माना जाता है। शहर को दो हिस्सों में चीरते हुए निकल गए वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर फिल्मसिटी से कुछ ही दूर पर स्थित नेस्को प्रदर्शनी परिसर में सातवां बिग सिने एक्सपो जब अपने पूरे उफान पर बताया गया, उस वक्त भी वहां इतने लोग नहीं थे कि उनके बीच से निकलने के लिए किसी सितारे को ‘कमांडो’ लगाने की जरूरत पड़े। लेकिन, खाली पड़े हॉल में भौकाल बनाने के लिए यहां फिल्म ‘जवान’ के निर्देशक एटली कुमार आधा दर्जन ब्लैक कैट सरीखे कमांडो के साथ ‘रास्ता’ बनाते नजर आए। और, इसी छत के नीचे थोड़ी ही देर पहले हिंदी सिनेमा में हवा भरने की कोशिश में मीडिया में तैराए जाने वाले ‘फर्जी’ आंकड़ों का हल्ला सुनाई दिया।