मनोज पांडे की लिखी फिल्म 'राजा ठाकुर' का पोस्टर
- फोटो : social media
लेखन ही सिनेमा की नींव
भोजपुरी सिनेमा की ‘पंडित’, ‘राजा ठाकुर’, ‘पप्पू के प्यार हो गइल’, ‘बेटवा बाहुबली’, ‘घातक’, ‘गुलामी’, ‘प्रेमरोग’ जैसी कई हिट व चर्चित भोजपुरी फिल्में लिख चुके लेखक मनोज पांडे कहते हैं, ‘किसी भी इमारत की मजबूती उसकी नींव से होती है। फिल्म का लेखक भी फिल्म का नींव डालता है। लेकिन आज भोजपुरी में लेखकों को न तो पैसा मिलता है और न ही सम्मान। फिर भोजपुरी की नींव कैसे मजबूत होगी? यहां पर लेखकों को मुनीम समझा जाता है।’