हिंदी सिनेमा के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक भारत भूषण की आज पुण्यतिथि है। 50 के दशक में लड़कियां भारत भूषण के लुक्स और चार्मिंग पर्सनालिटी की दीवानी थीं। उस दौर में जब राज कपूर, देवानंद और दिलीप कुमार का दौर था, तब उस समय भारत भूषण ने अपने लुक्स और बेहतरीन अदाकारी के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाई। भारत ने 'बैजू बावरा', 'आनंदमठ', 'मिर्जा गालिब' और 'मुड़ मुड़ के ना देख' जैसी बेहतरीन फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे महान कलाकारों की कमी नहीं रही है, जिन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए परिवार और समाज के ताने सुने हों, लेकिन भारत भूषण एक ऐसे अभिनेता हैं, जिन्होंने अपने बचपन में फिल्म देखने को लेकर अपने पिता की मार तक खाई है। उनके पिता को उनका फिल्म तक देखना पसंद नहीं था, लेकिन फिर भी वह अपने जमाने के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता बनकर उभरे। आज ब्लैक एंड वाइट सिनेमा के दौर के मशहूर अभिनेता भारत भूषण की पुण्यतिथि के मौके पर जानते हैं, उनके जीवन से जुड़े कुछ अनसुने किस्से...