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Bharat Bhushan: फिल्म देखने पर बचपन में खूब पिटे थे भारत भूषण, पिता से बगावत कर बने हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार

Wed, 14 Jun 2023 09:40 AM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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भारत भूषण - फोटो : अमर उजाला
भारत भूषण हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता थे। उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी दमदार अदाकारी के दम पर अपनी खास पहचान बनाई थी। उनकी अदाकारी से लेकर उनके लुक्स की दुनिया दीवानी थी। खास कर 50 के दशक में उनकी डैशिंग और चार्मिंग पर्सनालिटी की लड़कियां दीवानी हुआ करती थीं। भले ही अभिनेता सिनेमा के शिखर पर बैठे रहे, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी संघर्षों का सामना किया। आज दिवंगत अभिनेता का जन्मदिवस के अवसर पर चलिए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें...
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भारत भूषण - फोटो : Social media
भारत भूषण का जन्म 14 जून 1920 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुआ था। दो साल की उम्र में ही भारत की मां गुजर गई थीं। भारत के पिता एक पक्के आर्य समाजी थे। उन्हें बच्चों का फिल्मी देखना बिल्कुल भी पसंद नहीं था। भारत में इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में जब उनके पिता किसी काम के सिलसिले में बाहर गए थे तो वह अपने साथियों के साथ मिलकर फिल्म देखने चले गए थे। जब इस बारे में उनके पिता पता चला तो उन्होंने भारत की खूब पिटाई की थी।

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भारत भूषण - फोटो : सोशल मीडिया
अपने पिता की मार को वह सह नहीं पाए और उनसे अलग रहने लगे। अपने पिता से अलग रहते हुए ही भारत ने पढ़ाई पूरी की। इस दौरान उन्होंने शास्त्रीय संगीत भी सीखा। गायक बनने का सपना लेकर भारत भूषण मुंबई पहुंचे, लेकिन अभिनय के दम पर उनका सिक्का चमका। निर्देशक केदार शर्मा की 1941 में आई फिल्म 'चित्रलेखा' के जरिए अपने अभिनय करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने छोटी भूमिका निभाई थी। इस दौरान उन्होंने कई फिल्में कीं, लेकिन उन्हें अभिनेता के तौर पर निर्देशक विजय भट्ट की क्लासिकल फिल्म 'बैजू बावरा' से पहचान मिली। इसके बाद लगातार वह कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते गए।

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भारत भूषण - फोटो : Social media
50 के दशक में जब हिंदी सिनेमा में राज कपूर, देवानंद और दिलीप कुमार का दौर था, तब भारत भूषण ने अपने लुक्स और बेहतरीन अदाकारी के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाई। भारत ने 'बैजू बावरा', 'आनंदमठ', 'मिर्जा गालिब' और 'मुड़ मुड़ के ना देख' जैसी बेहतरीन फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। भारत भूषण ने हिंदी सिनेमा तक का सफर करने के लिए अपने परिवार के खूब ताने सुने और मार भी खाई, लेकिन इसके बावजूद वह सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचे।
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भारत भूषण - फोटो : अमर उजाला
सुपरहिट फिल्मों के जरिए बॉक्स ऑफिस पर कब्जा जमाने वाले अभिनेता भारत भूषण को आखिरी समय में काफी दुखों का सामना करना पड़ा। उनकी कामयाबी एक समय धरी की धरी रह गई। दरअसल, एक समय ऐसा आया जब उनकी फिल्म 'दूज का चांद' बॉक्स ऑफिस पर बेहद ही बुरी तरीके से फ्लॉप रही और भारत को काफी नुकसान उठाना पड़ा। नुकसान से उभरने के लिए उन्हें अपनी सारी संपत्ति बेचनी पड़ी। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में साइड रोल और छोटे छोटे किरदार निभाए, लेकिन बात नहीं बनी। वह पाई पाई के लिए तरस गए। सदमा झेलने के बाद आखिरकार 27 जनवरी 1992 को 72 वर्ष की उम्र में भारत भूषण का निधन हो गया।
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