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Bhanu Athaiya: सिर्फ असली नाम ही नहीं, जानिए भानु अथैया की जिंदगी का सफर

Thu, 15 Oct 2020 06:38 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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भानु अथैय्या - फोटो : Twitter: @PIIFAFilms
मशहूर कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। 91 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। लंबी उम्र और खराब स्वास्थ्य के चलते उनका निधन हुआ है। भानु अथैया भारत के लिए पहला ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाली महिला थीं। उन्होंने गुरुदत्त, यशराज, राज कपूर, आशुतोष गोवारिकर और कोनार्ड रुक्स सहित कई दिग्गज फिल्मकारों के साथ काम किया था। भानु अथैया ने साल 1982 में रिचर्ड एटनबरो के निर्देशन में बनी फिल्म 'गांधी' के लिए ऑस्कर में बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर का पुरस्कार जीता था।
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भानु अथैया - फोटो : Twitter: @cinemaazi
कॉस्ट्यूम डिजाइनर के तौर पर भानु अथैया ने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। उनका जन्म 28 अप्रैल 1929 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में हुआ था। भानु अथैया का पूरा नाम भानुमती अन्नासाहेब रजोपाध्याय था। उन्होंने पत्रिकाओं में फैशन इलस्ट्रेटर के तौर पर फ्रीलांसिंग से शुरआत की थी। इसके बाद उन्होंने एक पत्रिका के लिए काम किया। और फिर उन्होंने फिल्मों की कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग का काम शुरू किया।
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भानु अथैया - फोटो : file photo
साल 1952 में आई गुरुदत्त की फिल्म सीआईडी में भानु अथैया ने पहली बार कॉस्ट्यूम डिजाइनर के तौर पर काम किया था। इसके बाद उन्होंने प्यासा, साहब बीवी और गुलाम, हेरा फेरी और मिस्टर नटवरलाल सहित कई शानदार फिल्मों में बतौर कॉस्ट्यूम डिजाइनर काम किया। भानु अथैया को बड़ा मौका तब मिला जब मशहूर हॉलीवुड निर्देशक रिचर्ड एटनबरो अपनी फिल्म 'गांधी' बनाने के लिए भारत आए थे। 

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भानु अथैया - फोटो : file photo
उस समय रिचर्ड एटनबरो को ऐसे कॉस्ट्यूम डिजानर की तलाश थी जो महात्मा गांधी की जिंदगी भर की यात्रा के सारे पहलुओं को ध्यान में रखकर फिल्म के सभी कलाकारों के कपड़े डिजाइन कर सके। इसके बाद उनकी मुलाकात भानु अथैया से हुई। इस फिल्म के लिए साल 1983 में ऑस्कर का बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर का पुरस्कार मिला। 1983 में फिल्म 'गांधी' के लिए ऑस्कर जीतने के साथ ही भानु अथैया को ऑस्कर में नामांकित की जाने वाली फिल्मों को वोट करने का अधिकार भी मिल गया था।
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भानु अथैया - फोटो : file photo
ऑस्कर पुरस्कार जीतने के बाद भी भानु अथैया ने खुद को नहीं रोका। उन्होंने इसके बाद बॉलीवुड फिल्म राम तेरी गंगा मैली, हीरो हीरालाल, अग्निपथ, चांदनी, लगान और स्वदेश सहित कई फिल्मों के लिए काम किया। 1991 में गुलजार के निर्देशन में बनीं फिल्म 'लेकिन' और 2003 में आशुतोष गोवारिकर द्वारा निर्देशित 'लगान' के लिए भानु अथैया को बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था।

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