फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेटफ्लिक्स ने सौ करोड़ में बनी ‘बाहुबली’ सीरीज को लगाया पलीता, सामने आई ये बड़ी वजह

Tue, 16 Mar 2021 04:55 PM IST
दीपाली श्रीवास्तव अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
1 of 5
बाहुबली - फोटो : Twitter
पहले करीना कपूर खान ने फिल्म ‘रत्नावती’ की स्क्रिप्ट ठुकराई। फिर, आमिर खान को ‘विक्रम वेधा’ की हिंदी रीमेक की पटकथा में दम नजर नहीं आया और अब नेटफ्लिक्स ने ‘बाहुबली- बिफोर द बिगनिंग’ के सारे के सारे शूट किए गए एपीसोड कचरे में डाल दिए हैं। कारण सबका एक। इन फिल्मों और सीरीज का लेखन उस स्तर का न होना है जैसी कि उम्मीद की गई थी। ‘बाहुबली- बिफोर द बिगनिंग’ आनंद नीलकंठन के उपन्यास ‘द राइज ऑफ शिवगामी’ पर आधारित सीरीज है। इस सीरीज को पिछले साल अप्रैल में रिलीज होना था।
विज्ञापन

2 of 5
'बाहुबली' - फोटो : Twitter
ओटीटी नियमों के आने के बाद से ओटीटी उद्योग में मची हलचल के बीच वेब सीरीज ‘बाहुबली: बिफोर द बिगनिंग’ को पूरा का पूरा रद्द कर दिया जाना, एक तूफान ले आया है। जानकारी के मुताबिक नेटफ्लिक्स ने इस सीरीज के नौ एपीसोड बनाने पर करीब सौ करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन इन पैसों की परवाह न करते हुए नेटफ्लिक्स ने सीरीज के निर्माताओं से इसे फिर से बनाने को कहा है। वजह यही है कि ये सीरीज वैसी बनी नहीं है जैसी नेटफ्लिक्स के लोग हिंदी पट्टी के लिए चाहते थे।
विज्ञापन

3 of 5
बाहुबली का एक दृश्य
आनंद नीलकंठन के लिखे उपन्यास ‘द राइज ऑफ शिवगामी’ को जिसने भी पढ़ा है, वह इसे एक सांस में शुरू से आखिर तक पढ़ने को बेताब रहा है। ‘बाहुबली’ सीरीज की फिल्मों में दिखीं शिवगामी के बचपन से लेकर महिष्मती की रानी बनने तक की ये कथा अद्भुत है। नेटफ्लिक्स ने इस उपन्यास पर नौ एपीसोड की सीरीज लिखने का जिम्मा इन फिल्मो के निर्देशक एस एस राजमौली को सौंपा। नेटफ्लिक्स को इस सीरीज के हिंदी संस्करण से अपना सब्सक्राइबर बेस कई गुना बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन ओटीटी सूत्र बताते हैं कि जो सीरीज हैदराबाद में शूट हुई उसका हिंदी संस्करण ही सबसे कमज़ोर पाया गया।

4 of 5
बाहुबली का एक दृश्य
उपन्यास ‘द राइज ऑफ शिवगामी’ लिखने वाले आनंद नीलकंठन भी अपने उपन्यास पर बन रही सीरीज के हिंदी संस्करण से खुश नहीं थे। ऑडीबल इंडिया की लॉन्च के समय हुई एक अनौपचारिक मुलाकात में उन्होंने इस पर असंतोष भी जाहिर किया था। उनका मानना था कि ‘बाहुबली’ सीरीज की फिल्मों का दरअसल मूल लेखन ही इतना दमदार था कि इन संवादों का हिंदी अनुवाद कोई भी कर सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बाहुबली का एक दृश्य
लेकिन, बताते हैं कि ‘द राइज ऑफ शिवगामी’ की शूटिंग के दौरान हर भाषा के लेखकों को एक ही स्क्रिप्ट दी गई और उन्हें अपने अपने संवाद खुद लिखने थे। और यहीं सारी गड़बड़ हो गई। बीते साल सितंबर के महीने के आसपास इन सारे एपीसोड की समीक्षा नेटफ्लिक्स की टीम ने पूरी कर ली थी। और तभी तय कर लिया गया था कि ‘बाहुबली’ सीरीज की फिल्मों का जो आभामंडल है, ये सीरीज भी उसी हिसाब की बननी चाहिए। अब जाकर ये तय हुआ है कि ये सीरीज पहले से दोगुने बजट पर बनेगी और इसका पूरा लेखन भी नए सिरे से होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें