अभिषेक बच्चन
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अमिताभ बच्चन को मेगास्टार बनाने वाली ‘डॉन’, ‘काला पत्थर’, ‘कालिया’, ‘कभी कभी’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘नमक हलाल’, ‘अभिमान’, ‘दीवार’, ‘मिली’, ‘सत्ते पे सत्ता’ और ‘चुपके चुपके’ जैसी इन सारी फिल्मों का चार दिन का पास चार सौ रुपये का रहा और लोगों ने ये फिल्में बार बार फिर से देखी हैं। अमिताभ बच्चन की इन फिल्मों का जादू ही कुछ ऐसा है। बीते शुक्रवार को ही रिलीज हुई अमिताभ की नवीनतम फिल्म ‘गुडबॉय’ बॉक्स ऑफिस पर जैसी भी रही हो पर अमिताभ का करिश्मा इस फिल्म में भी कायम है। महीने भर बाद वह बड़े परदे पर एवरेस्ट की ‘ऊंचाई’ नापते नजर आएंगे, उसी राजश्री पिक्चर्स की फिल्म में जिसने कभी उनको फिल्म ‘सौदागर’ में मौका दिया था और जिस फिल्म को ऑस्कर पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में भेजा गया था।