hema malini
हेमा की आंखें सुंदर थीं और 'इदु सत्यम' के निर्माता ने उनका नृत्य कार्यक्रम देखा था। इसे देख कर वह हेमा के घर पहुंचा और उनकी मां से मिला। उसने अपनी फिल्म में हेमा को लेने की इच्छा जाहिर की। जानें, आगे क्या हुआ...
हेमा को जब पता चला कि वह फिल्म में काम करेगी तो खुद को कमरे में बंद करके रोने लगी थी। 1950-60 के दशक में आम हिंदुस्तानी मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों में फिल्मों में काम करना अच्छा नहीं माना जाता था। बाद में वह मां से शिकायत करती थी फिल्म में काम करने की वजह से स्कूल में बच्चे उन्हें चिढ़ाते हैं। फिल्मों के लिए 12वीं के बाद हेमा ने पढ़ाई छोड़ दी।