सुप्रसिद्ध कवि माखनलाल चतुर्वेदी की कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’ के भाव कहते हैं कि जिस रास्ते से वीर सैनिक जाते हों, उसकी मिट्टी से बड़ा कोई देवस्थान नहीं होता। एक फौजी वतन के लिए कुर्बान होने का जज्बा लिए ही घर से निकलता है और जब वह तिरंगे में लिपटे ताबूत में लौटता है तो आसमान भी उसके बलिदान के लिए रोता है, इंसान की तो बात ही क्या है। इन्हीं एहसासों में बिछड़ी मोहब्बत का रंग भी घोलकर गायक जुबिन नौटियाल आजादी के महापर्व से ठीक पहले लेकर आए हैं अपना नया गाना, ‘तेरी गलियों से उठेगा जनाजा जब मेरा’। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस गाने में उभरती अदाकारा आरुषि निशंक के अभिनय ने लोगों का मन मोह लिया है।