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परदे पर उतरेगी सत्यम कंप्यूटर के उत्थान और पतन की कहानी, ‘स्कैम 1992’ की कामयाबी से मिला फॉर्मूला

Thu, 11 Feb 2021 02:58 PM IST
दीपाली श्रीवास्तव अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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किताब ‘द डबल लाइफ ऑफ रामालिंगा राजू’ - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
‘स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी’ की सफलता के बाद डिजिटल मनोरंजन उद्योग को कामयाबी का एक नया फॉर्मूला मिल गया है। आर्थिक मामलों की तहों में छुपी मानवीय कहानियां साल 2021 का नया चलन बनती दिख रही हैं। कुछ दिग्गज निर्माताओं ने जहां तेलगी स्कैम पर काम शुरू किया है वहीं, चर्चित किताब ‘द डबल लाइफ ऑफ रामालिंगा राजू’ पर भी एक फिल्म बनने जा रही है जो सीधे ओटीटी पर रिलीज होगी।
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‘द डबल लाइफ ऑफ रामालिंगा राजू’ के लेखक किंशुक नाग - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
‘द डबल लाइफ ऑफ रामालिंगा राजू’ को किंशुक नाग ने लिखा है, जिसमें सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के पूर्व चेयरमैन और सीईओ रामालिंगा राजू के जीवन को समेटा गया है। इस किताब पर बनने जा रही फिल्म के निर्देशक होंगे नागेश कुकनूर। वह इस फिल्म के मेकर्स के साथ इससे पहले ‘सिटी ऑफ ड्रीम्स’ जैसी हिट सीरीज के लिए भी काम कर चुके हैं। सीधे ओटीटी पर रिलीज होने जा रही इस फिल्म की पटकथा करीब करीब पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसके निर्माता फिल्म की कास्टिंग और बाकी विवरण का भी एलान करने वाले हैं।
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सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के पूर्व चेयरमैन और सीईओ रामालिंगा राजू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जानकारी के मुताबिक ‘द डबल लाइफ ऑफ रामालिंगा राजू’ किताब में 90 के दशक से लेकर साल 2000 की शुरुआत तक भारत की प्रमुख आईटी फर्म सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज की कहानी को समेटा गया है। इस कहानी में रामालिंगा राजू की अतिमहत्वाकांक्षओं को दर्शाया गया है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे भारत की सबसे सफल आईटी कंपनियों में से एक धराशायी हो जाती है।

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नागेश कुकनूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बायोपिक के निर्देशक नागेश कुकनूर कहते हैं, “किंशुक की किताब ‘द डबल लाइफ ऑफ रामालिंगा राजू’ बेहद दिलचस्प है और मुझे इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने की काफी खुशी है। ‘सिटी ऑफ ड्रीम्स’ के दौरान इसके निर्माताओं  के साथ जुड़ना एक कमाल का अनुभव रहा है और अब एक नए सफर से मुझे काफी उम्मीदें हैं।” वहीं लेखक किंशुक नाग कहते हैं, “यह फिल्म दर्शकों को भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों से एक रही कंपनी के परदे की पीछे की दिलचस्प घटनाओं से रूबरू कराएगी।”
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स्कैम 1992- द हर्षद मेहता स्टोरी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
आर्थिक घोटालों या आर्थिक मामलों से जुड़ी कहानियों पर हिंदी सिनेमा में अभी तक ज्यादा काम नहीं हुआ है। मणिरत्नम की फिल्म ‘गुरू’ को मिली कामयाबी के अरसे बाद ‘स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी’ रिलीज हुई और इसे भी लोगों ने काफी चाव से देखा। इस बीच कुछ निर्माताओं ने महाराष्ट्र के ही एक और बहुत बड़े आर्थिक घोटाले की कहानी पर भी ध्यान दिया है। अब्दुल करीम तेलगी के शातिर दिमाग के चलते हुए इस स्टाम्प घोटाले की जांच करने वाले अधिकारियों से भी हाल के दिनों में कुछ निर्माताओं ने मुलाकात की है।
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