Aparshakti Khurana
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राज्यस्तरीय क्रिकेट, दिल्ली में वकालत, फिर रेडियो जॉकी और अब फिल्म अभिनेता? तदबीर बनाई आपने अपनी या फिर इसे तकदीर का खेल मानते हैं?
मेरे पिता उत्तर भारत के मशहूर ज्योतिषी हैं, लेकिन मैं तकदीर के खेल को कम ही मानता हूं। मेरा मानना है कि बिना कोशिश किए आपको कुछ हासिल नहीं होता। मैंने क्रिकेट खेला तो पूरे मन से। वकालत की तो पूरे जतन से लेकिन मैं वहां फेल हो गया। पर मैंने असफलताओं से सबक सीखे हैं। कुछ भी आपके जीवन में बैठे-बैठे नहीं हो सकता। लगातार काम करते रहना जरूरी है।