अनुराग बसु
- फोटो : Amar Ujala
आपने टेलीविजन पर तमाम डरावनी कहानियां बनाई हैं। आपके सिनेमा में हॉरर देखना काफी दिलचस्प रहेगा, नहीं?
आपने मेरे भीतर ये एक नया बीज डाल दिया है। हां, ये सच है कि मैंने टेलीविजन पर बहुत काम किया है। हॉरर कहानियां भी इसका हिस्सा रही हैं। लेकिन, सिनेमा मैं संवेदनाओं की अनुभूति पर बनाता हूं। आपका ये कहना कि मेरे टीवी के दिनों की कहानियों में मेरे सिनेमा की संवेदनाएं मिल जाएं तो इसमें लोगों को नई दिलचस्पी हो सकती है, मेरे लिए विचार का एक नया प्रस्थान बिंदु है। इस पर मैं ज़रूर विचार करूंगा।