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अनुपम खेर: जब अभिनेता ने महेश भट्ट को दे दिया था श्राप और रिपोर्टर को थप्पड़, जानिए क्या था मामला

Sun, 16 May 2021 03:47 PM IST
अमरीन हुसैन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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अनुपम खेर - फोटो : Social media

बॉलीवुड में वैसे तो हर जमाने में कई स्टार और सुपरस्टार रहे हैं, लेकिन कुछ अभिनेता स्टारडम की जगह गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करते हैं। ये खुद की पहचान अभिनय कौशल से करवाना ज्यादा पसंद करते हैं। इनमें से एक हैं अनुपम खेर, जिन्हें दुनिया एक नहीं दो नहीं बल्कि 500 किरदारों में देख चुकी है। ये तो रही फिल्मी किरदारों की बात। लेकिन अगर असल जिंदगी पर नजर डालें तो मुख्यता ये दो भूमिकाओं में दिखाई पड़ेंगे। पहला कि सैकड़ों मूवीज में तराशा हुआ आला किरदार निभाने वाला अभिनेता तो दूसरा राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रहने वाला शख्स। वैसे अनुपम खेर के बारे में आप सभी बहुत कुछ जानते होंगे। लेकिन आज उन बातों से वाकिफ करवाएंगे, जिनसे शायद आप अब तक अनजान हों।

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अनुपम खेर - फोटो : Insatagram- @anupampkhe

7 मार्च 1955 में शिमला में जन्में 66 वर्षीय अभिनेता ने ये सफलता, ये अवार्ड्स, ये नाम और शोहरत ऐसे ही हासिल नहीं की। बल्कि इसके पीछे लगी हैं कई सारी असफलताओं की चोट, जिंदगी की कश्मकश और मुद्दत की मेहनत। इसकी शुरुआत आज नहीं बल्कि सालों पहले तब हुई थी जब वह स्कूल में नौवीं कक्षा के एक छात्र थे। तब अनुपम को अपने भविष्य का कोई इल्म न था। वे सिनेमा और फिल्मी दुनिया से अबोध तो थे ही इन सब मामलों में थोड़े कच्चे भी थे।

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अनुपम खेर - फोटो : Insatagram- @anupampkher

अनुपम खेर के पिता का नाम पुष्कर नाथ खेर और मां का नाम दुलारी खेर है। उनके एक भाई भी हैं राजू खेर, जो उनके सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियोज कभी-कभार नजर भी आते हैं और हूबहू उन्हीं की तरह दिखते हैं। चलिए, वापस फिर अनुपम के स्कूल के दौर में चलते हैं। तो यहां जब अनुपम खेर नौवीं कक्षा के विद्यार्थी थे तो स्कूल में एक ड्रामा करने का मौका मिला। लेकिन मुसीबत ये आ पड़ी कि उन्हें डायलॉग ही याद नहीं हो रहा था। बस इस कारण वह रोल उनकी झोली से निकलकर किसी और के पास चला गया। हालांकि, तब अनुपम को इस बात का अंदाजा नहीं था कि नियति उन्हें कहां ले जाने वाली है।

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अनुपम खेर - फोटो : Insatagram- @anupampkher

सालों बाद जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा तो घोर संघर्षों का दौर देखा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानीं। क्योंकि उन्हें अपने दादा की दी गई एक नसीहत याद आ गई कि ‘एक आदमी जो पहले से ही पानी में भीग चुका है, उसे बारिश से नहीं डरना चाहिए’। बस इसी बात ने उन्हें हिम्मत बंधाई। कहते हैं कि अनुपम कामयाबी न मिलने से निराश होकर मुंबई से रवानगी की तैयारी कर चुके थे। लेकिन इस एक बात ने उन्हें वहीं जमे रहने की हिम्मत दी और वो रुक गए।

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'सारांश' के एक दृश्य में अनुपम खेर - फोटो : Social media

मुंबई में रुकना अनुपम खेर के लिए लाभदायक साबित हुआ। सब्र से काम लेने पर उन्हें सफलता महेश भट्ट की फिल्म ‘सारांश’ में काम पाकर मिली। यह फिल्म 25 मई 1984 में रिलीज हुई थी। वैसे तो उन्होंने 1982 में फिल्म आगमन से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, लेकिन पहचान फिल्म सारांश से ही मिली थी। इसके बाद उनका सफलता रथ दौड़ पड़ा और खेर ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्मों में उम्दा प्रदर्शन किए।

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अनुपम खेर - फोटो : Social media

फिल्मों के इतर अनुपम खेर राजनीतिक बयानबाजी को लेकर भी खूब चर्चा में रहे हैं। असहिष्णुता को लेकर उन्होंने बॉलीवुड के ही कई लोगों पर निशाना साधा था। इसके अलावा वे अटल बिहारी के जमाने में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस वाली सरकार के दौरान एनएसडी के निदेशक भी रहे थे। मौजूदा एनडीए सरकार के दौर में उन्हें फिल्म और टेलीविजन इंस्टीट्यूट का चेयरमैन भी बनाया गया। लेकिन उन्होंने किसी कारणवश पद से इस्तीफा दे दिया। लेकिन इन सबके बीच उस वक्त लोग अवाक रह गए जब उन्होंने कोविड को लेकर सरकार को निशाने पर लिया। खेर ने कहा कि लोगों की जान बचाना जरूरी है अपनी पहचान नहीं।

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अनुपम खेर - फोटो : Social media

तमाम राजनीतिक बयानबाजी के बाद भी अनुपम खेर कह चुके हैं कि उन्हें राजनीति में आने में कोई दिलचस्पी नहीं है। हालांकि, उनकी पत्नी किरण खेर चंडीगढ़ से भाजपा से सांसद हैं। फिलहाल, वह कैंसर से लड़ रही हैं। 500 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके अनुपम खेर को दो बार नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। 2004 में पद्मश्री और फिर 2016 में पद्म भूषण से नवाजा जा चुका है।

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अनुपम खेर - फोटो : Social media

अनुपम खेर के अभिनय कौशल की बात करें तो वो देश के पहले ऐसे एक्टर हैं, जिन्हें कॉमेडी रोल के लिए पांच बार फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। लोगों को अपनी कॉमेडी से हंसाने वाले अभिनेता ने विलेन के किरदार में भी अपना दमखम दिखाया। कॉमेडी के बाद खलनायक के रूप में दर्शकों ने उन्हें स्वीकार ही नहीं बल्कि पसंद भी किया। 

शायद कम ही लोग जानते होंगे कि अनुपम खेर ने बॉलीवुड के अलावा अमेरिकन, ब्रिटिश और चाइनीज फिल्मों में भी काम किया है। विदेशों में भी उन्हें लोकप्रियता हासिल है। इसलिए तो 2015 में लास वेगास में 10 सितंबर का दिन अनुपम खेर डे के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी।

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अनुपम खेर - फोटो : Social media

अभिनय के अलावा खेर ने निर्देशन में भी हाथ आजमाया था और 2002 में ओम-जय-जगदीश निर्देशित की थी। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं चली और महज 14 करोड़ का कारोबार कर सिमट गई थी। फिल्म में फरदीन खान, अभिषेक बच्चन, अनिल कपूर और वहीदा रहमान जैसे सितारों ने किरदार निभाया था।
 

उनके बारे में कुछ किस्से बड़े मशहूर हैं। इनमें एक ये है कि 1992 में अनुपम खेर ने एक पत्रिका के रिपोर्टर को चांटा रसीद कर दिया था। क्योंकि रिपोर्टर ने उन पर शोषण का आरोप लगाते हुए खबर प्रकाशित की थी। इसी तरह उनके बारे में एक और बात जो शायद बहुत लोगों को पता है कि उन्होंने महेश भट्ट श्राप दे दिया था।

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अनुपम खेर - फोटो : Twitter
दरअसल, मामला ये था कि अनुपम खेर छह महीने की तैयारी के बाद उनकी फिल्म से निकाल दिए गए थे। ‘सारांश’ के लिए खेर ने छह महीने तक कड़ी तैयारी की थी, लेकिन आखिरी मौके पर महेश भट्ट ने उन्हें हटाकर संजीव कुमार को रख लिया था। इसके बाद अनुपम को काफी धक्का लगा था और उन्होंने मुंबई छोड़ने की ठान ली थी। लेकिन इससे पहले वे महेश भट्ट के घर गए और रोते हुए श्राप तक दे दिया। फिर बाद में महेश भट्ट ने उन्हें ही साइन किया।
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