एयरपोर्ट से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की Exclusive तस्वीरें
- फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी
उन्होंने आगे कहा कि, इसके परिणामस्वरूप परिवार टूट रहा है। इससे समाज भी बिखर रहा है, क्योंकि समाज भी एक परिवार है। भागवत ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि स्वयंसेवक अपने परिवारों को संघ में अपनी गतिविधियों के बारे में बताते होंगे, क्योंकि कई बार घर की महिलाओं को हमसे ज्यादा कष्टदायक काम करना पड़ता है, ताकि हम जो कर रहे हैं वह कर सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को घर तक सीमित रखने का परिणाम है, जो स्थिति आज हम समाज में देख रहे हैं। समाज की यह स्थिति उन रिवाजों के कारण है, जो पिछले 2000 सालों से चलन में हैं। उससे पहले यह स्थिति नहीं थी। वह हमारे समाज का स्वर्णिम काल था।