मशहूर शायर और कवि राहत इंदौरी भले ही इस दुनिया को अलविदा कह गए हों लेकिन उनकी लिखी कविताएं, शायरियां और उनसे जुड़े किस्से उन्हें उनके चाहने वालों के दिलों में हमेशा जिंदा रखेंगे। 'बुलाती है पर जाने का नहीं' जैसी लिखीं उनकी लाइनें तो आजकल के युवाओं के बीच अलग- अलग जगहों पर इस्तेमाल करने का फलसफा बन गई हैं। राहत इंदौरी सिर्फ शायरी और कविताएं ही नहीं करते थे, बल्कि उन्होंने हिंदी फिल्मों जैसे, खुद्दार, मुन्ना भाई एमबीबीएस, मिशन कश्मीर, करीब, इश्क, घातक जैसी फिल्मों के लिए गीत भी लिखे हैं।