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Anita Raaj Birthday: 60 साल की उम्र में भी 20 किमी भागती हैं अनीता राज, जानिए बढ़ती उम्र के कमाल फिटनेस फंडे

Sat, 13 Aug 2022 11:45 AM IST
कविता गोसाईंवाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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अनीता राज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अपनी पहली ही फिल्म ‘प्रेम गीत’ के गीतों से घर घर मशहूर हुईं अभिनेत्री अनीता राज 60 साल की हो गईं। 13 अगस्त 1962 को जन्मी अनीता राज से मिलने पर कहीं से नहीं लगता है कि वह 60 साल की हैं। एकदम चुस्त दुरुस्त अनीता राज अपनी फिटनेस के लिए अपनी नियमित दौड़ को बड़ी वजह मानती हैं और कहती हैं कि खुद को लगातार सक्रिय रहकर ही फिट रहा जा सकता है। आलस से दूर रहना, अपने सारे काम खुद करना और लोगों से घुल मिलकर रहना ही अच्छे स्वास्थ्य के गूढ़ मंत्र हैं जिन्हें कोई भी आसानी से निभा सकता है। हां, वह सोशल मीडिया को लोगों के बिगड़ते स्वास्थ्य की बड़ी वजह भी मानती हैं। उनका मानना है कि मोबाइल, आईपैड और नोटबुक से उतना ही नाता रखना चाहिए जितनी इनकी जरूरत हो। ये नशा नहीं बनना चाहिए।
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अनीता राज के साथ टीवी कलाकार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सुबह उठना और दौड़ना बेहद जरूरी
अपने जमाने में खूब मशहूर रहीं अनीता राज ने हाल ही में टेलीविजन पर एक शो 'छोटी सरदारनी' खत्म किया है। इसमें उन्होंने कुलवंत कौर गिल का किरदार निभाया। काम के साथ साथ खुद को फिट और चुस्त चौकस रखना उनका जुनून है। ‘अमर उजाला’ से जन्मदिन की बधाई स्वीकार करने के साथ ही अनीता राज बताती हैं, 'फिटनेस के लिए नियमित व्यायाम और अपनी खुराक पर तो ध्यान देना ही चाहिए। साथ ही साथ मानसिक रूप से सुकून का अनुभव भी करना चाहिए। मैंने सही समय पर फिल्मों में काम किया। मेरी फिटनेस का राज मेरा प्रतिदिन दौड़ना है। मैं रनिंग करती हूं। मुंबई में समुद्र के किनारे मुझे दौड़ने का बहुत शौक है। अब भी सप्ताह में 3 दिन मैं 20 किलोमीटर की रनिंग करती हूं। मैं 42 किलोमीटर की मैराथन रेस में भी हिस्सा ले चुकी हूं। सुबह जल्दी उठती हूं और मंत्रो का जप करती हूं।'

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अनीता राज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सामाजिक जीवन अच्छे स्वास्थ्य की बुनियाद
अनीता राज मानती हैं कि सामाजिक जीवन स्वस्थ जीवन की बुनियाद है। वह बताती हैं, ‘80 और 90 के दशक में शूटिंग के दौरान साथी कलाकारों के साथ काफी मेल मिलाप रहता था। शूटिंग के दौरान सब कलाकार एक साथ बैठकर बातचीत किया करते थे। जिससे साथ में काम करने में झिझक नहीं होती थी और परफॉर्मेंस निकल कर आता था। आज जब कलाकारों को देखती हूं तो उनके पास बात करने की फुर्सत नहीं रहती है। सीन खत्म होते ही वैनिटी वैन अकेले समय गुजारने की लोगों को आदत हो चुकी है। कलाकार साथ बैठते हैं तो आपसी रिलेशन बनते हैं।' 

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अनीता राज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

स्मार्ट फोन रखें लेकिन स्मार्ट भी बनें 
अनीता राज ने हर दौर के साथ खुद को ढाला है और समय के मुताबिक अपने किरदारों के चयन में भी समझदारी दिखी है। लेकिन, नए दौर में हर इंसान के मोबाइल पर अटक जाने को वह ठीक नहीं मानतीं। वह कहती हैं, ‘हर वक्त सोशल मीडिया पर मौजूद रहना और अपनी सोशल लाइफ से अलग हो जाना ठीक नहीं है। सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहिए, उपभोग नहीं। ये हमें नए लोगों से मिलने, दूसरों के विचार जानने का मौका देता है, लेकिन वहां बहस में समय नष्ट करने का फायदा नहीं। इसका नशा नहीं होना चाहिए। लगातार मोबाइल इस्तेमाल करने के दुष्परिणाम भी सामने आने ही लगे हैं।’

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