वाट्सएप चैट
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लड़की- मुझे मेहनत करनी है, यही करना होता तो चैनल की एडिटर बन जाती।
अविनाश दास- फ्रेशर्स को भी क्लियर तो होना ही होता है कि किस डायरेक्शन में जाना है। डायरेक्शन, राइटिंग, प्रोडक्शन, ऑफिस वर्क..कई लेयर हैं वर्क के। कुछ दिन सोचो, डिसाइड करो। मैं ऑफिस लूंगा तो उसमें सैलरी पर तुम्हें रख लूंगा। लेकिन आगे बढ़ना है तो खुद के लिए स्पेशलाइज्ड ड्रीम में रखकर सोचना शुरू करो।
अविनाश दास- मैं इतना किसी से जुड़ता, जितना तुमसे जुड़ गया हूं और तुमसे बातें कर रहा हूं। पता नहीं क्यों? मुझे भी नहीं मालूम। इसलिए सब सच बोल रहा हूं। इसे अपने लिए मेरा प्यार मानकर पढ़ना।
लड़की- मुझे इतना पता है कि मैं बेवकूफ नहीं हूं।
अविनाश दास- हां, तुम बेवकूफ नहीं हो, ये मुझे पता है लेकिन तुम कुछ ज्यादा ही सख्त हो, ये भी पता है।