70 और 80 के दशक में विलेन बनकर मशहूर हुए लेजेंड एक्टर अमजद खान ने अपने करियर में कई लुभावनी परफॉर्मेंस दीं। उन्होंने कई ऐसे किरदार गढ़े जो हिंदी सिनेमा के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हैं।
लोग आज भी उनकी एक्टिंग को याद करते हैं। 'शोले' में गब्बर के किरदार को निभाकर अमजद खान असल जिंदगी में ही गब्बर के नाम से मशहूर हो गए थे।
कुछ ऐसी ही उम्मीद उनके बेटे शादाब खान से भी लगाई गई।
विज्ञापन
2 of 6
रानी मुखर्जी के साथ शादाब खान
शादाब खान जब बॉलीवुड में लॉन्च हो रहे थे तो सभी को लगा कि पिता अमजद खान जैसा करिश्मा बिखेरेंगे लेकिन हुआ उल्टा। उनकी पहली ही फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई। शादाब खान की पहली फिल्म 'राजा की आएगी बारात' थी जिसमें उनके साथ रानी मुखर्जी थीं, लेकिन फिल्म तो फ्लॉप हुई ही, शादाब की एक्टिंग को भी लोगों ने नापसंद किया।
पिता के स्टारडम के बलबूते शादाब को कई और फिल्में मिलीं लेकिन उनका भी बुरा हश्र हुआ और फिर वो फिल्मों से गुमनाम हो गए।
विज्ञापन
3 of 6
शादाब खान
फिल्मों की दुनिया से दूर शादाब खान ने अपनी ही दुनिया बनाने की कोशिश की...कुछ ऐसा करने का सोचा जिससे वो अपने पिता के नाम को रोशन करें। ये सोच शादाब खान ने पहले तो डायरेक्शन में किस्मत आजमाई और सोचा कि वहां वो कामयाब हो जाएंगे लेकिन वहां भी निराशा ही हाथ लगी।
4 of 6
अमिताभ बच्चन के साथ शादाब खान
लेकिन शादाब ने हिम्मत नहीं हारी और फिर उन्होंने एक ऐसा काम करने का फैसला किया जिससे उनके पिता को पूरी दुनिया जाने और उनकी स्ट्रगल और मुश्किलों से पूरी दुनिया वाकिफ हो। यही सोच उन्होंने अपने पिता अमजद खान पर एक बायोग्राफी लिखने का फैसला किया जिसमें उन्होंने अमजद खान द्वारा किए काम और उनकी असल जिंदगी के बारे में बताया।
विज्ञापन
5 of 6
शादाब खान
शादाब खान की ये किताब काफी पॉपुलर हुई। खुद अमिताभ बच्चन ने भी इस किताब और शादाब के लेखन की खूब तारीफ की। आज शादाब खान एक लेखक के तौर पर खूब नाम कमा रहे हैं।
ये वाकई दिलचस्प है कि शादाब खान ने अपने परिवार की एक्टिंग विरासत को आगे बढ़ाने के बजाय लेखन की दुनिया में अलग नाम कमाने का फैसला किया और उसमें वो कामयाब भी रहे। लोग भले ही उन्हें फ्लॉप एक्टर मानते हों लेकिन असल में वो अपने फील्ड के उस्ताद हैं।