Amitabh Bachchan
- फोटो : amar ujala
अपने पोस्ट में अमिताभ बच्चन ने एक कविता लिखी है। उन्होंने इस कविता में जिम में बिताए वक्त की तुलना बचपन में स्कूल में पड़ने वाली मार से रोचक अंदाज में की है। अमिताभ ने लिखा:
आज जिम में कुछ जरूरत से ज्यादा दबा, चला, उठा लिया,
मन ने जो कहा, हिम्मत करके उसे एक स्थान दिया,
अब रात्रि बेला में कुछ करवटें, पड़ रही हैं अति ढीली,
प्रातः पता चलेगा, कौन मासपेशियां पड़ गईं नीली,
स्कूल में जब बेंत पड़ती थी तो सुबह ज्ञात होता था हमें,
पिछले अंग में दिखाई देती थीं, काले रंग की लकीरें।