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राजीव गांधी के कहने पर राजनीति में आए थे अमिताभ बच्चन, लोग मानने लगे थे गांधी परिवार का तीसरा बेटा

Fri, 11 Oct 2019 08:07 AM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Amitabh Bachchan - फोटो : Social Media

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) का 11 अक्टूबर को जन्मदिन है। वैसे तो अमिताभ की फिल्मों के बारे में आप सब कुछ जानते होंगे। आप ये भी जानते होंगे कि अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) राजनीति में भी हाथ आजमा चुके हैं। एक समय ऐसा था जब गांधी परिवार से नजदीकियों की वजह से अमिताभ को इंदिरा गांधी का तीसरा बेटा तक कहा जाता था। लेकिन क्या आप जानते हैं अमिताभ ने कुछ ही समय में राजनीति से सन्यास क्यों ले लिया?

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राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन

दरअसल इंदिरा गांधी की हत्या के बाद अपने दोस्त राजीव गांधी के कहने पर राजनीति में आए अमिताभ बच्चन 1984 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतरे थे। चुनाव के समय इलाहाबाद की गलियों में अमिताभ के पोस्टर लगाकर विरोधी पार्टी के नेता उनका मजाक उड़ाते थे। उन्हें नचनिया कहते थे। लेकिन इन सबसे हटकर अमिताभ बच्चन यूपी के पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा को हराने में सफल हो गए थे।

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राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन

लेकिन राजनीति ने ऐसी करवट ली कि बोफोर्स घोटाले में नाम आने के बाद सांसद अमिताभ का राजनीति से मोह भंग हो गया और उन्होंने राजनीति छोड़ दी। हालांकि अमिताभ इस मामले को ब्रिटेन की अदालत में लेकर गए और जीत भी गए लेकिन इसके साथ ही उनकी गांधी परिवार से दूरी भी बढ़ने लगी। अमिताभ बच्चन तो राजनीति करने दोबारा सीधे तौर पर नहीं आए लेकिन उनका परिवार समाजवादी पार्टी के लिए समर्पित दिखाई दिया। क्योंकि उस दौरान अमिताभ बच्चन की कंपनी ABCL मुश्किल दौर से गुजर रही थी और गांधी परिवार से कोई मदद न मिलने पर अमर सिंह ने उनकी मदद की। इसके बाद पूरा परिवार कई बार पार्टी के कार्यक्रमों दिखाई दिया और बाद में जया बच्चन पार्टी की सांसद भी बनीं।

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राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन
एक इंटरव्यू में बिग बी ने राजनीति में एंट्री को लेकर कहा था- ''मेरा वह फैसला भावनात्मक था। मैं एक दोस्त की मदद करना चाहता था इसलिए राजनीति में आया लेकिन राजनीति में आने के बाद पता चला यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं हैं। मुझे लगा कि मैं यह नहीं कर सकता और इसलिए राजनीति छोड़ दी।"

ये भी पढ़ें- अमिताभ का वो इंटरव्यू, जिसमें उन्होंने रेखा से रिश्ते पर उठ रहे सवालों का खुलकर दिया था जवाब
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Amitabh Bachchan - फोटो : Social Media
फिल्मों की बात करें तो अमिताभ ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। ऐसा नहीं है कि उन्होंने अपने करियर में सिर्फ सफलता ही देखी है। एक वक्त ऐसा था जब लगातार फ्लॉप होती फिल्मों से परेशान अमिताभ बच्चन मुंबई छोड़कर अपने मां-बाप के पास दिल्ली वापस जा रहे थे तब मनोज कुमार ने अमिताभ को रोका और अपनी फिल्म 'रोटी, कपड़ा और मकान' में मौका दिया। अमिताभ ने 'जंजीर' से पहले 'रोटी कपड़ा और मकान' साइन की थी। ये फिल्म हिट हुई साथ ही अमिताभ का दौर फिर से आ गया जो आज तक कायम है।
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