अली असगर
- फोटो : instagram/kingaliasgar
बेशक अली ने किरदार बहुत निभाए हैं लेकिन ज्यादातर उसमें हास्य किरदार ही रहे। अपनी कॉमेडी की शुरुआत के बारे में अली बताते हैं, 'मैं महमूद साहब का मुरीद हूं। अपने स्कूल और कॉलेज के समय में मैं उनकी बहुत फिल्में देखा करता था। आज भी अगर मैं घर पर हूं तो अपने डीवीडी प्लेयर में उनकी फिल्में ही चलाता हूं। मेरे अंदर अगर कॉमेडी आई है तो मैं उसका श्रेय सिर्फ महमूद साहब को ही देना चाहूंगा। और वैसे भी, अभिनय तो हर रोज सीखे जाने वाली चीज है। इसमें कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है।'
आपनी बात जारी रखते हुए अली ने कहा, 'सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीमित होना चाहिए। मैं सिर्फ इसका इस्तेमाल अपने शो के प्रमोशन के लिए करता हूं। मैं उसे अपने घर नहीं ले जाता। सोशल मीडिया आजकल बहुत बड़ा हो गया है। वहां पर लोगों को गालियां दी जाती हैं, ट्रोलिंग की जाती है। वैसे ही लोगों की सराहना भी होती है। वह एक बहुत बड़ा मजमा है। अगर कोई कलाकार किसी महफिल में कोई शो करता है तो जरूरी नहीं कि उसका शो हर किसी को पसंद आए। कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो गाली दे रहे होंगे। इससे कलाकार सीखते भी हैं। उन्हें पता चलता है कि जो काम वह कर रहा है, वह पहले लोगों को पसंद आ रहा होगा। लेकिन, अब पसंद नहीं आ रहा है। समय के साथ चलना पड़ेगा।'