आरआरआर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अपनी लगातार हिट फिल्मों की चर्चा चलने पर अजय देवगन कहते हैं, "ईमानदारी की बात तो यह है कि खड़े हो कर घूरते रहने का समय ही नहीं है। चाहे वह ‘सिंघम’ हो, ‘रहीम लाला’, ‘वेंकट राम राजू’ हो या कैप्टन विक्रांत खन्ना हो, इनमें से हर रोल चुनौतीपूर्ण है। मैं पीछे मुड़कर देखने और जायजा लेने के लिए कभी रुका ही नहीं। इसके बजाय मैं बड़ी ईमानदारी के साथ एक के बाद दूसरी फिल्म करता चला गया। यहां मौजूद मेरे ज्यादातर साथी उतने ही जोशीले और मेहनती हैं। मुझे पता है कि अगर मैं आगे नहीं बढ़ूंगा, तो कुछ खास हासिल नहीं कर पाऊंगा। मैं वैसा ही हूं, जैसी फिल्में बनाता हूं।'