लेकिन, कोर्ट ने रणवीर और अर्जुन के खिलाफ दायर एफआईआर को भी रद्द करने से मना कर दिया। उनके खिलाफ गिरगांव कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की शिकायत पर ताड़देव पुलिस थाने को 2015 में मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। उसके बाद पुलिस भादंसं की धारा 294 के तहत मामला दर्ज किया था।