जाह्नवी कपूर की डेब्यू फिल्म 'धड़क' को लेकर उनकी मां श्रीदेवी बहुत उत्साहित थीं। वह सेट पर बेटी के साथ जाती थीं, शूटिंग के रशेज देख कर उन्हें सलाह देती थीं और लॉन्चिंग से पहले उनकी ब्रांडिंग को लेकर भी कई काम कर रही थीं। मगर उनकी अचानक मौत के बाद न सिर्फ जाह्नवी कपूर की जिंदगी बदल गई बल्कि उनकी फिल्म 'धड़क' के सेट का माहौल भी अलग हो गया।
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Ishaan khattar and jhanvi kapoor
फिल्म 'धड़क' के निर्माता शशांक खेतान ने कहा, 'जाह्नवी कपूर ने मां की मौत के बाद भी जिस हौसले के साथ और पेशेवर तरीके से काम किया,उसके लिए उन्हें सलाम करता हूं।' मां की मौत के 12 दिन बाद ही जाह्नवी सेट पर वापस आ गई थीं। इस बात से सब हैरत में थे। डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर सेट पर ऐसा माहौल बना दिया कि कोई जाह्नवी को सांत्वना ने दे पाए।
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dhadak
शशांक खेतान ने कहा, 'हमने फैसला किया कि कोई भी जाह्नवी को सांत्वना नहीं देगा वरना इससे उनकी तकलीफ और भी बढ़ सकती थी। इसलिए हम सबने सिर्फ काम पर फोकस करना शुरू कर दिया।' फिल्म की टीम का मानना था कि जाह्नवी को दुख सिर्फ वक्त बीतने के साथ ही कम हो पाएगा।'
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श्रीदेवी की मौत के अलावा शशांक खेतान के सामने दो और बड़ी चुनौतिया थीं। पहला यह कि इस फिल्म से लोगों को बहुत उम्मीदें हैं क्योंकि यह सुपर हिट मराठी फिल्म 'सैराट' की रीमेक है। दूसरी यह कि उस उम्मीद को पूरा करने के लिए उन्हें जो एक्टर्स मिले, वे दोनों नए हैं। इन दोनों चैलेंज को पूरा करने के लिए डायरेक्टर ने अपने एक्टर्स को एक काम दिया।
डायरेक्टर शशांक खेतान ने फिल्म के लीड एक्टर्स ईशान खट्टर और जाह्नवी कपूर को फिल्म की स्क्रिप्ट थमाई। साथ ही यह निर्देश भी दिया कि पूरे छह महीने वह उसे अपने पास रखेंगे और उसे समझने की कोशिश करेंगे। डायरेक्टर ने बताया कि दोनों कलाकारों ने ना सिर्फ अपने किरदार बल्कि पूरी फिल्म को आत्मसात कर लिया। फिल्म 'धड़क' 20 जुलाई को रिलीज होगी।