जब बॉलीवुड में कोई फिल्म रिलीज होती है और हीरो पर्दे पर एंट्री करता है, तो हर तरफ तालियां बजती हैं, लेकिन कलाकारों को सिनेमा के हाशिए पर लाकर खड़ा करने की पीछे उतनी ही मेहनत एक निर्देशक की भी होती है। खास सीवक्वेंस, दमदार दृश्य के लिए पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों जैसे कैमरा मैन, लाइट मैन की भी कड़ी मेहनत का नतीजा होता है, तब कही जाकर कोई फिल्म सुपर हिट कहलाती है। ऐसी ही कुछ कहानी है फिल्म 'ओमः द बैटल विदिन' के निर्देशक कपिल वर्मा की। जो एक फेमस स्टंट डायरेक्टर के बेटे हैं। हालांकि अपने निर्देशक बनने तक के साथ ही फिल्मों में उन्होंने बतौर स्टेडी कैम ऑपरेटर भी काम किया है, जो बेहद मुश्किल होता है। क्योंकि एक भारी-भरकम कैमरा अपने शरीर पर बांधकर भागना किसी के लिए भी आसान नहीं होता है। तो चलिए जानते हैं निर्देशक कपिल वर्मा की पूरी कहानी।