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YRF @ 50: यशराज की ओटीटी बाजार में छलांग की तैयारी, इसलिए फ्लॉप हो गया वाई फिल्म्स का पिछला प्रयोग

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यशराज फिल्म्स - फोटो : ट्विटर
धर्मा प्रोडक्शंस की डिजिटल शाखा धर्माटिक के अस्तित्व में आने के बाद अब यशराज फिल्म्स भी अपनी अलग डिजिटल शाखा बनाने जा रहा है। देश में तेजी से पैर पसार रहे ओटीटी कारोबार को देखते हुए यशराज फिल्म्स ने अब फिल्मों के अलावा डिजिटल जगत के लिए विशेष मनोरंजन सामग्री बनाने का फैसला किया है। सूत्र बताते हैं कि एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय ओटीटी से इस बारे में यशराज फिल्म्स की बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और इस समझौते का एलान जल्दी ही होने वाला है।पिछले दो साल से मुंबई फिल्म जगत में यशराज फिल्म्स के डिजिटल मनोरंजन जगत में नए सिरे से प्रवेश की अटकलें लगाई जा रही हैं। बीच में चर्चा ये भी शुरू हुई थी कि फिल्मों की तरह यशराज फिल्म्स वेब सीरीज के वितरण के लिए अपना अलग ओटीटी भी लाने की तैयारी में हैं। 
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आदित्य चोपड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
सूत्र बताते हैं कि अपना अलग ओटीटी लाने का विचार अब यशराज फिल्म्स ने त्याग दिया है और डिजिटल जगत के लिए सिर्फ मनोरंजन सामग्री बनाने पर फोकस करने का फैसला किया है। यशराज फिल्म्स की टीवी शाखा का काम संभालते रहे योगेंद्र मोगरे को अब कंपनी की डिजिटल शाखा का काम सौंप दिया गया है हालांकि कंपनी ने अभी इसका आधिकारिक एलान नहीं किया है।
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यश चोपड़ा, आदित्य चोपड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
गौरतलब है कि यशराज फिल्म्स ने साल 2009 से लेकर साल 2011 के बीच टेलीविजन के लिए तमाम धारावाहिक बनाए थे। इनमें ‘खोटे सिक्के’ ‘सेवेन’ और ‘किस्मत’ के अलावा ‘पाउडर’ भी काफी प्रमुख हैं। टीवी कार्यक्रम बनाने के दौरान यशराज फिल्म्स को कई सबक भी सीखने को मिले। उनकी बेहद चर्चित सीरीज ‘पाउडर’ के अधिकारों को लेकर भी विवाद हुए और इसी के चलते ये सीरीज एक अंतरराष्ट्रीय ओटीटी पर प्रसारित होने के बाद हटा ली गई।

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यशराज फिल्म्स - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अब यशराज फिल्म्स ने डिजिटल जगत में काफी सोच समझकर कदम रखने का फैसला किया है। कंपनी ने जिस ओटीटी के साथ बहुवर्षीय समझौता करने पर विचार विमर्श शुरू किया है, उसके पास भारतीय कहानियों पर बनी सामग्री का जबरदस्त टोटा है। ओटीटी की क्रिएटिव टीम ये समझौता करने से पहले इस बात को लेकर निश्चिंत हो जाना चाहती है कि यशराज फिल्म अपनी पिछली शाखा वाई फिल्म्स जैसा कंटेंट नहीं दोहराएगी।
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बैंक चोर - फोटो : सोशल मीडिया
वाई फिल्म्स के बैनर तले यशराज फिल्म्स का युवाओं को लक्षित करके सामग्री बनाने का पिछला अनुभव काफी खराब रहा है। यशराज फिल्म्स ने युवाओं के लिए अपनी एक अलग शाखा वाई फिल्म्स काफी पहले बनाई थी। इसकी बनाई फिल्मों ‘बैंक चोर’,  ‘मेरे डैड की मारुति’, ‘मुझसे फ्रैंडशिप करोगे’ और ‘लव का द एंड’ में से एक भी सफल नहीं हो सकी। वाई फिल्म्स ने तब एक अनोखा ‘जी पैक बैंड’ भी बनाया था। वाई फिल्म्स की बनाई वेब सीरीज में ‘मैन्स वर्ल्ड’, ‘लेडीज रूम’ और ‘बैंग बाजा बारात’ को भी दर्शको ने खास पसंद नहीं किया।
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