सुनील लहरी
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उन्होंने आगे इस फिल्म के इरादे और लक्षित दर्शकों पर सवाल उठाया, 'मुझे नहीं पता बच्चों से लेकर बड़े, जो भी मॉडर्नाइजेशन की बात करते हैं....ये कोई आधुनिक फिल्म नहीं है। किस एंगल से आधुनिक फिल्म है। टैटू बनाने से पिक्चर मॉडर्न हो जाती है क्या? मुझे नहीं पता कि वे क्या कहना चाह रहे थे। मुझे फिल्म से बहुत सारी उम्मीदें थीं।'