अध्ययन सुमन
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अध्ययन ने कहा, 'मुझे लगता है कि बुलबुले में नहीं रहना बहुत महत्वपूर्ण है। हीरामंडी ही नहीं, किसी भी तरह की वास्तविकता को स्वीकार करना बहुत महत्वपूर्ण है। यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि आप कौन हैं, यह समझना बहुत आवश्यक है कि क्या आपके अंदर अगले 15-20 वर्षों तक लड़ने की क्षमता है। आपके लिए यह जरूरी है कि आप स्वयं से झूठ न बोलें।'