'ले तो आए हो हमें सपनों के गांव में'..ये गाना जेहन में आते ही हमारी आंखों में उस भोली-भाली फूल बेचने वाली लड़की का चेहरा तैरने लगता है जो सेठ हरिकृष्ण के पोते प्रेम को पूरी तरह से बदल देती है। क्या आप जानते हैं कि फूल बेचने वाली वो लड़की असल में कौन है और आजकल कहां है ?
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रामेश्वरी
उस किरदार को निभाया था एक्ट्रेस रामेश्वरी ने। इस फिल्म से रामेश्वरी का करियर जबरदस्त तरीके से चमका और उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। रामेश्वरी बचपन से ही बेहद खूबसूरत थीं और लोग उन्हें एक्ट्रेस राजश्री की हमशक्ल मानते थे।
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रामेश्वरी
खैर, बड़े होकर जब रामेश्वरी की फिल्मों में एंट्री हुई तो जादुई तरीके से उन्हें सफलता मिलनी शुरू हो गई। रामेश्वरी के रूप में हिंदी सिनेमा को एक ऐसा हीरा मिल चुका था जिस पर सभी की नजर टिकी थी।
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रामेश्वरी
इसके बाद रामेश्वरी ने 'आशा', 'सीता मां लक्ष्मी', 'निजाम' और 'बंटी और बबली' जैसी फिल्मों में काम किया। 'आशा' 1980 में आई थी और सुपरहिट रही। इस फिल्म में रामेश्वरी के किरदार और एक्टिंग की खूब तारीफ की।
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रामेश्वरी
'दुल्हन वही जो पिया मन भाए' और 'आशा' ये दो ऐसी फिल्में रही हैं जो आज भी रामेश्वरी की बेहतरीन एक्टिंग के लिए याद की जाती हैं। ये दोनों ही फिल्में रामेश्वरी के करियर में मील का पत्थर साबित हुईं।
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रामेश्वरी
फिल्मों में लीड रोल निभाने के कुछ सालों बाद रामेश्वरी फिर मां, पत्नी और बहन के किरदार करने लगीं..एक तरह से उन्होंने सेकेंड लीड की तरफ खुद को मोड़ लिया। हिंदी फिल्मों के अलावा रामेश्वरी ने तेलुगु फिल्मों में भी काम किया। इसके अलावा कुछ टीवी शोज भी रामेश्वरी ने किए।
आज फिल्मों से दूर रामेश्वरी अपना बिजनेस संभालने में लगी हैं। रामेश्वरी ने नीमली नेचुर्ल्स के नाम से अपना एक ब्रांड शुरू किया जिसके अंतर्गर्त वो नेचुरल स्किन केयर और अरोमा थैरेपी प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं।