60 और 70 के दशक में मुमताज लाखों दिलों की धड़कन हुआ करती थीं । अपनी अदाओं के साथ जब भी मुमताज परदे पर आतीं तो लोग उनके कायल हो जाते, लेकिन जैसा कि कहा जाता है, 'बुरा वक्त जब आता है तो सब तहस-नहस कर देता है। मुमताज की जिंदगी में भी ऐसा बुरा वक्त आया जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी ।
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आज उन्हें एक नजर में पहचानना भी मुश्किल होगा । मुमताज अब अपना 72वां बर्थडे सेलीब्रेट कर ही हैं । इस मौके पर उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के कुछ बेहतरीन किस्से आपके लिए लेकर आए हैं । मुमताज ने 1960 में अपना करियर फिल्म 'गहरा दाग' से साइड रोल के तौर पर शुरू किया था । शुरुआत में मुमताज को हिट फिल्मों में छोटे रोल मिलते थे ।
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धीरे-धीरे मुमताज काे लीड रोल भी मिलना शुरू हुए । मुमताज ने एक के बाद एक 16 एक्शन फिल्मों में काम किया । मुमताज की कई फिल्म एक्टर और रेसलर दारा सिंह के साथ भी आईं। इसी के साथ मुमताज पर स्टंट फिल्म हीरोइन का तमगा लग गया । दारा एक फिल्म के लिए साढ़े चार लाख रुपए फीस लेते थे । वहीं मुमताज की फीस ढाई लाख रुपए थी ।
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मुमताज ने दो दशकों तक बॉलीवुड में अपना कब्जा जमाए रखा । उन्होंने राजेश खन्ना, शशि कपूर, राजेंद्र कुमार और धर्मेंद्र के साथ कई हिट फिल्में दीं । 1970 में फिल्म 'खिलौना' के लिए मुमताज को फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला था । राजेश खन्ना के साथ मुमताज ने लगातार 10 हिट फिल्में दी थीं । 1977 में फिल्म 'आईना' के बाद मुमताज ने मयूर माधवानी से शादी कर ली थी ।
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मुमताज लाइमलाइट से पूरी तरह से दूर हो गईं । फिर एक दिन खबर आई कि मुमताज को कैंसर है। कैंसर के बारे में जान मुमताज डर गईं थीं, लेकिन उससे लड़ना भी जरूरी था। मुमताज को ब्रेस्ट कैंसर था जिसके बारे में उन्हें काफी देर से पता चला। लेकिन जल्द ही इलाज शुरू कर दिया गया। कीमोथेरेपी की वजह से मुमताज की हालत और भी खराब हो गई थी।
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उनके सारे बाल झड़ चुके थे, यहां तक कि उनकी पलकों और भौहों के बाल तक झड़ गए। ऐसी हालत में मुमताज को घर से निकलने में भी डर लगता था। इसका जिक्र मुमताज ने 2006 में दिए एक इंटरव्यू में भी किया था। बकौल मुमताज, 'बाल झड़ने की वजह से मैं गंजी हो गई थी। मेरे पति मेरे लिए विग लेकर आते थे जिन्हें मैं पहनने के लिए मजबूर थी। लेकिन मैं उसे पहनना अवॉइड करती थी और स्कार्फ पहनती थी।'
मुमताज की हालत एकदम मरने वाली हो गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान हर वक्त उनके परिवार वाले उनके साथ रहते, लेकिन मुमताज ने अपनी हिम्मत टूटने दी और ना ही अपने परिवारवालों की। मुमताज ने डटकर कैंसर का सामना किया। लंबे इलाज के बाद मुमताज ने कैंसर से लड़ाई जीत तो ली लेकिन इस लड़ाई में उनका जो हाल हुआ उसका अंजाम वो आज तक भुगत रही हैं।फिलहाल मुमताज लंदन में रह रही हैं ।