ईशा गुप्ता
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इसके बाद ईशा ने कहा- 'ये मान लेना कि सिर्फ धरती पर ही जीवन है, हमारी उस मानसिकता को दर्शाता है जिस पर हम अक्सर इतराते रहते हैं। हमें अगर जीवन में कुछ परंपरा के तौर पर मिला है तो इसे सही सलामत आगे की पीढ़ियों को सौंपने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है।'