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एजेंडा फिल्मों के सवाल पर भड़के एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के प्रोड्यूसर, पत्रकार पर जमकर चीखे

Thu, 25 Apr 2019 10:12 AM IST
anand anand मुंबई डेस्क, अमर उजाला
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ashok pandit - फोटो : file photo
उरी द सर्जिकल स्ट्राइक, द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर, पीएम नरेंद्र मोदी और मोदी वेब सीरीज जैसी फिल्में क्या किसी एजेंडे को लेकर बनती हैं, इस सवाल पर ही हिंदी सिनेमा के एक धड़े को एतराज होने लगा है। ट्विटर पर इस तरह के सवालों के खिलाफ फिल्मी हस्तियों पर बरसने वाले इंडियन फिल्म एंड टीवी डायरेक्टर्स एसोसिएशन (इफ्टडा) के अध्यक्ष अशोक पंडित अब पत्रकारों पर भी बरसने लगे हैं।एकता का संदेश देने वाले एक म्यूजिक वीडियो की लॉन्चिंग पर अशोक पंडित ने शोर मचाकर एक समाचार एजेंसी के पत्रकार को चुप करा दिया। 
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Ashok Pandit - फोटो : file photo
मुंबई मीडिया में इस अघोषित सेंसरशिप को लेकर हलचल मची हुई है, लेकिन अशोक पंडित की बीजेपी से निकटता के चलते कोई खुलकर इस पर बोलने को तैयार नहीं है। मुंबई के एक पंचसितारा होटल में मंगलवार को देश के एक मशहूर कॉरपोरेट घराने ने एक म्यूजिक वीडियो की लॉन्चिंग रखी। एंथेम फॉर गुड नाम का यह म्यूजिक वीडियो में सुखविंदर सिंह, जुबिन नौटियाल और गॉड्सविल जैसे मशहूर कलाकारों ने बनाया है और इसमें संगीत दिया है मशहूर संगीतकार मिथुन ने। 
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Ashok Pandit - फोटो : social media
मंच पर इन कलाकरों के साथ वीडियो के सह निर्माता शैलेंद्र सिंह भी मौजूद थे और कॉरपोरेट घराने के बुलावे पर यहां पहुंचे पत्रकारों ने वीडियो देखने के बाद शैलेंद्र सिंह से कुछ सवाल करने चाहे। एक समाचार एजेंसी के पत्रकार ने शैलेंद्र सिंह से हाल में बनी कुछ हिंदी फिल्मों के पीछे कोई सियासी एजेंडा होने का सवाल पूछा तो शैलेंद्र सिंह से पहले हॉल में मौजूद अशोक पंडित भड़क गए। अशोक पंडित हाल में ही इफ्टडा अध्यक्ष का चुनाव जीते हैं। वह फिल्म निर्माताओं की संस्था इम्पा से भी जुड़े हैं और फिल्म द एक्सीडेंट प्राइम मिनिस्टर की क्रेडिट्स में उनका नाम सह निर्माता के तौर पर रहा है। 

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Ashok Pandit - फोटो : social media
उन्होंने इस पत्रकार के सवाल पर चीखना और शोर मचाना शुरू कर दिया। पत्रकार लगातार उनसे पूरा सवाल सुनने और ये सवाल उनकी बजाय शैलेंद्र सिंह से मुखातिब होने की बात कहता रहा, पर अशोक पंडित शांत नहीं हुए। इस पूरे वाकये का वीडियो भी बना, जो मुंबई फिल्म जगत में कल रात से ही वायरल हो रहा है।
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Ashok Pandit - फोटो : social media
तमिल, तेलुगू और मलयालम में राजनीतिक नजरिए वाली फिल्में खूब बनती हैं। सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म पेट्टा हो या फिर विजय की फिल्म मरसल, इन फिल्मों में सरकारी नीतियों और समाजावाद को लेकर न सिर्फ तीखी टिप्पणियां होती रहीं हैं बल्कि इनके सियासी संदेश को लेकर विवाद भी हुए हैं। हिंदी सिनेमा में भी पिछले साल से सियासी एजेंडे वाली फिल्में खूब बन रही हैं। इनमें से पीएम नरेंद्र मोदी और मोदी वेबसीरीज के प्रसारण या प्रदर्शन पर चुनाव आयोग रोक भी लगा चुका है।
 
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