अभिषेक बच्चन
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
और, फिल्म ‘गुरु’ के बाद से यही बात आपकी फिल्मों की चयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग भी बन गई दिखती है?
‘गुरु’ को रिलीज हुए 13 साल हो गए और आपको ये फिल्म अब तक याद है। तो 13 साल पहले मैंने ये निर्णय लिया कि मैं एक 65 से 80 साल के वृद्ध का किरदार करूंगा। तब मैं 29-30 साल का था, मैं बोल सकता था कि मैं तो हीरो हूं, मैं ऐसा रोल क्यों करूं, लेकिन नहीं। आपने अभी जैसे कहा कि लोग एक कहानी देखने आते हैं, उसके किरदार देखने आते हैं। अभिषेक बच्चन में उन्हें दिलचस्पी नहीं हैं। उनकी रुचि गुरुकांत देसाई या बॉब बिस्वास हो सकती है। और, ये रुचि किसी फिल्म को देखने का निर्णय लेने के साथ ही दर्शकों के मन में बननी शुरू हो जाती है।