अभय देओल, ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर
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नेपोटिज्म का मुद्दा उठाया
अभय देओल ने फिल्म जिंदगी ना मिलेगी दोबारा फिल्म को नेपोटिज्म का शिकार बताया था। फिल्म की कहानी तीन दोस्तों पर आधारित थी लेकिन फिल्म के लिए अभय और फरहान को एक भी अवॉर्ड नहीं मिला। अभय ने लिखा, 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, 2011 में रिलीज हुई थी। इन दिनों अपनी इस फिल्म का बहुत नाम लेना पड़ रहा है। परेशान होने पर इस फिल्म को देखना बहुत सही है। मैं ये बताना चाहूंगा कि सभी अवॉर्ड शोज ने मुझे और फरहान को मुख्य किरदार से डिमोट कर दिया था। हमें सह अभिनेता के तौर पर नॉमिनेट किया गया था। जबकि ऋतिक और कटरीना को मुख्य किरदार के लिए नॉमिनेट किया गया था। इंडस्ट्री के हिसाब से ये एक लड़के और लड़की की प्रेम कहानी थी, जिसमें लड़के के दोस्तों ने उसकी मदद की। मैंने इस बात के खिलाफ बगावत की लेकिन फरहान को इससे दिक्कत नहीं थी।' इसके आगे अभय ने हैशटैग में लिखा, 'फैमिली फेयर अवॉर्ड'।