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भयंकर बीमारियों पर बनी ये 9 बॉलीवुड फिल्में, शाहरुख खान को फिल्म 'जीरो' में है यह बड़ा रोग

Tue, 19 Jun 2018 02:31 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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बॉलीवुड में हर तरह के विषय पर फिल्में बनाई जाती है इसमें लव स्टोरी, एक्शन, थ्रीलर, कॉमेडी और गंभीर बीमारियों पर आधारित फिल्में शामिल हैं। ऐसे में बात करेंगे उन 8 बॉलीवुड फिल्मों की जिसमें घातक बीमारियों के बारे में बताया गया है..तो आइए जानते हैं...
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पा

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paa
साल 2009 में रिलीज हुई फिल्म पा में अमिताभ बच्चन ने प्रोगेरिया नामक बीमारी के रोगी किरदार निभाया था। इस बीमारी में इंसान की किशोरावस्था में ही मौत हो जाती है।
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हिचकी

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Hichki
इसी साल रिलीज हुई फिल्म हिचकी में रानी मुखर्जी ने एक ऐसी टीचर का किरदार निभाया जिसे टॉरेट सिंड्रोम हैं। इस बीमारी में महिलाओं को बार-बार हिचकी आने के चलते बोलने और समझने में दिक्कत होती है।

पीकू

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अमिताभ बच्चन और रेेखा
फिल्म पीकू को लोगों ने खूब सराहा था। इस फिल्म एक बार फिर अमिताभ बच्चन ने भयंकर बीमारी कब्ज पर प्रकाश डाला। फिल्म में उनके अलावा दीपिका पादुकोण और इरफान खान मुख्य भूमिका में थे।
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तारे जमीन पर

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तारे जमीं फिल्म का एक दृश्य
आमिर खान की फिल्म 'तारे जमीन पर' तो देखी ही होगी। इस मूवी में एक 8 साल का बच्चा है जिसका नाम इशान अवस्थी है। उसे लिखने और पढने में कठिनाई महसूस होती है। वह शब्दों और अक्षरों को गलत या उल्टा पढ़ता है और कई बार ठीक से उनका उच्चारण भी नहीं कर पाता। मनोविज्ञान में इस कठिनाई को डिस्लेक्सिया के नाम से जाना जाता है।
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गजनी

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गजिनी - फोटो : पोस्टर
फिल्म गजनी में आमिर खान के रोल ने सबको चौंकाकर ही रख दिया था। फिल्म में एक हादसे के बाद वह एमनेसिया नामक बीमारी का शिकार हो जाते हैं। जिसमें कोई व्यक्ति स्मृति में संग्रहीत जानकारी को याद नहीं कर पाता है। यह फिल्मों और किताबों के लिए एक लोकप्रिय विषय है लेकिन असल में बहुत दुर्लभ है थोडा भुलक्कड़ होना या कुछ बातों को भूलना आम बात है जो  Amnesia  से बिलकुल अलग है। यह बीमारी यादों या मेमोरी के एक बड़े पैमाने पर नुकसान को दिखाती है। इसमें व्यक्ति की जिंदीगी की महत्वपूर्ण बातें, यादगार घटनाएं और प्रमुख व्यक्ति (दोस्त और रिश्तेदार) शामिल हैं।
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माय नेम इज खान

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शाहरुख खान
फिल्म माय नेम इज खान में शाहरुख ने भयंकर बीमारी एस्परगर सिंड्रोम को लोगों के सामने पेश किया। एस्परगर सिंड्रोम एक तरह का परवेसिव डेवलपमेंट डिसऑर्डर है। इसका मरीज गुमनामी में रहता है। दूसरे लोगों से घुलने-मिलने में उसे परेशानी होती है। अपने मन की बात दूसरों को समझाना इसके लिए मुश्किल होता है। इस सिंड्रोम में बातचीत करने में समस्या होने के साथ-साथ भाषा ज्ञान का भी सही तरह से विकास नहीं हो पाता है। एस्परगर बीमारी से ग्रस्त लोग एक ही तरह का या प्रतिबंधित तरह के आदत या व्यवहार के आदि होते है। इसके लक्षण 3 साल की उम्र से लेकर जीवनभर दिख सकते हैं। 

शुभ मंगल सावधान

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शुभ मंगल सावधन - फोटो : SELF
फिल्म शुभ मंगल सावधान में पुरुषों से संबंधित बहुत विशेष विषय पर रोशनी डाली गई है। फिल्म में एक्टर आयुष्मान खुराना नपुंसकता (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) के शिकार होते हैं। दरअसल, संतोषजनक संभोग के लिए लगातार पर्याप्त इरेक्शन न होने को इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) जिसे हम नपुंसकता के नाम से भी जानते है। यह पुरुषों से संबंधित एक बड़ी समस्या है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन या स्तंभन दोष वह स्थिति है जिसमें एक पुरुष संभोग के लिए पर्याप्त इरेक्शन या स्तम्भन को पाने या उसे बरकरार रखने में असमर्थ रहता है। अर्थात वह शारीरिक संबंध बनाने में अक्षम होता है। अगर यह एक या दो बार हो तो इतनी चिंताजनक बात नहीं है लेकिन अगर यह रोज ही होने लगे तो आपको सचेत हो जाना चाहिए।

ऐ दिल है मुश्किल

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Ae Dil Hai Mushkil
विवादित फिल्म एे दिल है मुश्किल में रणबीर कपूर, एश्वर्या राय और अनुष्का शर्मा को देखा गया। फिल्म अनुष्का ने टर्मिनल कैंसर से पीड़ित एक लड़की किरदार निभाया। टर्मिनल कैंसर को मरणांतक रोग कहा जाता है जिसमें पीड़ित की मौत किसी भी समय हो सकती है।
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आखिर में बात करेंगे शाहरुख खान की एक और बीमारी से संबंधित फिल्म जिसमें वह एक बौने का किरदार अदा करने वाले हैं। फिल्म का नाम जीरो है और वह साल के अंत में रिलीज होगी। बता दें कि बौना होने की वजह में मेटोबोलिक और हॉर्मोंस की कमी होना बताया जाता है। 
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