Love-Conflict Movies: भारतीय सिनेमा में ऐसे कई फिल्में बनाई जाती हैं, जिनमें प्रेम और उनसे जुड़ी जटिलताओं को दिखाया जाता है। आइए जानते हैं उन फिल्मों के बारे में।
बीते मंगलवार को अभिनेता हर्षवर्धन राणे की आगामी फिल्म 'एक दीवाने की दीवानियत' की घोषणा हुई, जिसमें मोहब्बत और नफरत की कहानी बयां की जाएगी। सिनेमाई पर्दे पर इससे पहले भी कुछ फिल्में ऐसी बन चुकी हैं, जिनमें प्यार, तकरार, संघर्ष और सामाजिक ताने-बाने को दर्शाया गया है। आइए जानते हैं उन फिल्मों के बारे में।
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देवदास
- फोटो : इंस्टाग्राम
देवदास
संजय लीला भंसाली के निर्देशन में साल 2002 में एक फिल्म आई 'देवदास', जो शरतचंद चट्टोपाध्याय के उपन्यास पर आधारित थी। शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय बच्चन और माधुरी दीक्षित जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म अधूरी मोहब्बत की कहानी को बहुत ही खूबसूरती से बयां करती है। देवदास और पारो की प्रेम कहानी सामाजिक परिस्थितियों और अहंकार के कारण अधूरी रह जाती है।
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फिल्म 'रांझणा'
- फोटो : इंस्टाग्राम@aanandlrai
रांझणा
धनुष और सोनम कपूर अभिनीत 'रांझणा' में भी एकतरफा मोहब्बत और अधूरी प्रेम कहानी दिखाई जाती है। आनंद राय के निर्देशन मे बनी यह फिल्म भावनात्मक उलझनों में घिरी रहती है। फिल्म में कुंदन की सच्ची मोहब्बत को दिखाया गया है, जिसमें उसके प्रेम को स्वीकारा नहीं जाता है।
शादी में जरूर आना
रत्ना सिन्हा के निर्देशन में साल 2017 में एक रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म आई, जिसमें राजकुमार राव और कृति खरबंदा मुख्य भूमिका में थे। यह फिल्म मोहब्बत, बदला और सुखद अंत पर आधारित है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह सामाजिक दबाव और करियर की चिंताओं ने प्रेम के बीज खलल डालने का काम किया, जिस कारण फिल्म में प्रतिशोध की भावनी भी देखने को मिलती है।
सनम तेरी कसम
हर्षवर्धन राणे और मावरा होकेन अभिनीत फिल्म 'सनम तेरी कसम' साल 2016 में रिलीज हुई थी। लेकिन इस फिल्म को खास पहचान साल 2025 में री रिलीज के बाद मिली। इस फिल्म की कहानी में दो बिल्कुल अलग स्वभाव के व्यक्तित्व वालों के बीच प्रेम को दिखाया जाता है, जिसमें गलतफहमी, परिवार की अस्वीकार्यता को दिखाया गया है। अंत में इस कहानी का दुखद अंत होता और मोहब्बत हमेशा के लिए अमर हो जाती है।