आम तौर पर देखा जाता है कि पिता जिस प्रोफेशन में सफल नहीं होते है, बेटे उस प्रोफेशन को नहीं अपनाना चाहते हैं। भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव की फिल्म 'सन ऑफ बिहार' की कहानी इसी विषय पर आधारित है। इस फिल्म में खेसारी लाल यादव के पिता ने वकील की भूमिका निभाई है। 25 साल से वह वकालत कर रहे हैं, लेकिन पिछले 15 सालों में उन्होंने एक भी केस नहीं जीता है। अपने पिता के इस प्रोफेशन में वकालत की पढाई करने के बाद भी खेसारी लाल इस प्रोफेशन को नहीं अपनाना चाहता है, लेकिन तभी कुछ ऐसा होता है कि वह वकील बनकर पूरे बिहार का नाम रोशन करता है और उसे सन ऑफ बिहार कहा जाता है।