प्राची पटवारी
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प्राची के परिवार में दूर दूर तक किसी का मनोरंजन से कोई नाता नहीं रहा है। पिता पुरुषोत्तम पटवारी गुवाहाटी, असम में वकील हैं। माता रमा पटवारी ने भी वकालत की है लेकिन अब वह दवाइयों के वितरण का कारोबार संभालती हैं। माता-पिता वकील तो बिटिया का भी उसी तरफ रुझान तो बना ही होगा? पूछने पर प्राची के चेहरे पर एक चमक सी दिखती है, ‘हां, मैंने अपने माता पिता का मन रखने के लिए एलएलबी की है, लेकिन मुझे वकील कभी बनना ही नहीं था। मैंने स्नातक करने के लिए दिल्ली में ही आवेदन किया था, लेकिन वहां प्रवेश नहीं मिला तो मैं मुंबई आ गई। सोफिया कॉलेज में मन लगाकर पढ़ाई ही कर रही थी कि कॉलेज में दूसरे छात्रों को देखकर पहली बार महसूस हुआ कि मनोरंजन जगत ऐसा भी कोई स्वप्नलोक नहीं है जिस तक पहुंचा न जा सके। ये सच है कि गुवाहाटी जैसे शहर में ये सब युवतियां सोचती भी नहीं हैं।’