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What is AICWA: किसने बनाया कामगारों का ये जेबी संगठन, खुद अध्यक्ष के पास नहीं है संविधान और पंजीकरण की जानकारी

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सुरेश श्यामलाल गुप्ता, AICWA के सदस्य - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
समाचार एजेंसी पीटीआई से तकरीबन हर हफ्ते किसी न किसी मसले को लेकर एक दो बयान ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन की तरफ से जारी होते ही रहते हैं। किसी टेलीविजन धारावाहिक के सेट पर कोई दुर्घटना हो जाए तो इस संगठन की तरफ से तुरंत बयान आता है। संगठन की मानें तो वह अब तक ऐसे 4563 कामगारों की मदद भी कर चुका है। खुद को एक श्रम यूनियन बताने वाली इस संस्था को महाराष्ट्र सरकार से सम्बद्ध बताया गया है। लेकिन, इसका पंजीकरण कब हुआ, किस कार्यालय में हुआ, इसके चुनाव आखिरी बार कब हुए, इसकी कोई जानकारी एसोसिएशन के मौजूदा अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता के पास नहीं है। संगठन के बीते 15 साल से सक्रिय होने की जानकारी तो इसकी वेबसाइट पर है, लेकिन उनके पहले इसका कोई दूसरा शख्स भी अध्यक्ष रहा इसकी कोई जानकारी वेबसाइट पर नहीं है।
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एआईसीडब्लूए - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
हिंदी फिल्म जगत में कार्यरत संगठनों के बारे में जानकारी एकत्र करने के क्रम में ‘अमर उजाला’ ने ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्लूए) के बारे में इसके अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता से कुछ जानकारियां लिखित में बीते साल मांगी थीं। श्री गुप्ता से पूछा गया कि  एआईसीडब्लूए का गठन कब हुआ और इसके चुनाव कितने अंतराल पर होते हैं? वर्तमान में इसके पदाधिकारी कौन कौन हैं, और उनके संपर्क नंबर क्या हैं? जवाब मिला कि ये सारी जानकारी इंटरनेट पर मौजूद है। संगठन की वेबसाइट पर इसके महाराष्ट्र प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों के नाम तो हैं, लेकिन इनका चयन कब और किस चुनाव में किया गया, इसकी जानकारी नहीं है। लेबर यूनियन के रूप में काम कर रही इस संस्था के पंजीकरण का विवरण भी वेबसाइट पर नहीं है।
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एआईसीडब्लूए - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दूसरा सवाल इसके मौजूदा अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता से ये पूछा गया कि एआईसीडब्लूए के कुल कितने सदस्य हैं और ये फिल्म जगत के किन किन ट्रेड या क्राफ्ट में कार्य करते हैं? लेकिन, इसका जवाब भी उन्होंने नहीं दिया। ट्रेड या क्राफ्टवार कार्यसमितियों का गठन भी इस संगठन में नहीं होने की जानकारी मिली है। और, इसके सर्वेसर्वा खुद सुरेश श्यामलाल गुप्ता ही हैं। एक तरह से जेबी संगठन के तौर पर चल रही संस्था में कहने को महासचिव और मीडिया प्रभारी के पदों पर भी नियुक्ति की गई है लेकिन संगठन के सारे बयान सुरेश गुप्ता के नाम से ही जारी होते हैं।

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एआईसीडब्लूए - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म जगत में कार्यरत अधिकतर ट्रेड और लेबर यूनियनों के दफ्तर अंधेरी पश्चिम या आसपास के ही इलाके में हैं लेकिन एआईसीडब्लूएका कार्यालय पवई में है। किसी समस्या के संबंध में इसके सदस्य संगठन से कैसे शिकायत कर सकते हैं? इसके बारे में वेबसाइट पर लिंक दिया है लेकिन संगठन के सदस्यों से पदाधिकारियों की प्रतिदिन मुलाकात का समय क्या और कहां रहता है? इसका कोई जवाब सुरेश गुप्ता ने नहीं दिया है। एक्स पर दिए गए विवरण के अनुवास एआईसीडब्लूए, “देश की सबसे बड़ी लेबर यूनियन” है, हालांकि इसके एक्स हैंडल के कुल फॉलोअर्स की संख्या 998 ही है।
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एआईसीडब्लूए - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दिलचस्प बात ये है कि एक्स के जिस पेज पर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्लूए) को देश की सबसे बड़ी लेबर यूनियन बताया गया है, उसी पेज पर ठीक उसके नीचे इसका परिचय एक गैर सरकारी समाजसेवी संगठन (एनजीओ) के रूप में भी है। बीते एक बीते एक साल में कुल कितनी शिकायतें एआईसीडब्लूए को फिल्म, टीवी धारावाहिक या वेब सीरीज निर्माताओं के खिलाफ प्राप्त हुईं, और इनमें से कितनों का निपटारा किया गया? इसका विवरण बीते तीन महीने में भी ये संस्था नहीं दे सकी है। न ही, एआईसीडब्लूए का इस बात का कोई विवरण है कि उसने बीते एक साल में अपने सदस्यों को कितनी आर्थिक सहायता मुहैया कराई है?
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एआईसीडब्लूए - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म और टेलीविजन जगत की सारी यूनियनें मुंबई में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिनेमा एम्प्लॉइज (एफडब्लूआईसीई) नामक एक पंजीकृत फेडरेशन के तहत एकजुट होकर कार्य करती हैं। इस फेडरेशन के पास एआईसीडब्लूए जैसी किसी लेबर यूनियन के फिल्म जगत में सक्रिय होने की कोई जानकारी नहीं है। श्रमायुक्त कार्यालय में इस बारे में जब ‘अमर उजाला’ ने संपर्क किया तो वहां से भी कोई जानकारी एआईसीडब्लूए नामक लेबर यूनियन की नहीं मिल सकी। मनोरंजन जगत में कार्यरत कामगारों की समस्याओं के हल के लिए एआईसीडब्लूए ने बीते एक साल में कितने कितने निर्माताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और कितने स्थानों पर जाकर एआईसीडब्लूए ने सिने वर्कर्स के लिए आवश्यक सुविधाओं की पड़ताल की? इस सवाल का भी इस संगठन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता कोई जवाब नहीं दे पाए।
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