कुमार रामसे, किरण रामसे
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1970 के दशक की शुरुआत में भारतीय सिनेमा एक नए मोड़ पर था। इस समय तक भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में मुख्य रूप से रोमांस, ड्रामा और एक्शन पर ध्यान केंद्रित किया जाता था, लेकिन एक ऐसा परिवार था, जिसने भारतीय सिनेमा की धारा को बदलने का संकल्प लिया। ये परिवार था रामसे ब्रदर्स का, जिसमें सात भाई थे। सबसे बड़े थे तुलसी रामसे, फिर उन भाइयों में श्याम रामसे, गंगू रामसे, कुमार रामसे, केशु रामसे, किरण रामसे और अर्जुन रामसे थे। उन्होंने भारतीय हॉरर फिल्में बनाने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि भारतीय दर्शकों को भी हॉरर फिल्म का एक अनोखा अनुभव मिलना चाहिए, जो पश्चिमी फिल्मों से अलग हो।