आदिपुरुष
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
राम, सीता, लक्ष्मण के नाम
‘जहां राघव वहां विजय’ का नारा प्रतिस्थापित करने की कोशिश करने वाली फिल्म का कथा विस्तार करते समय इसके पटकथा लेखकों ने जनमानस में व्याप्त लोकाचारों को भी पूरी तरह अनदेखा किया। यहां तक कि फिल्म में प्रमुख चरित्रों के नाम भी राम, सीता, लक्ष्मण के स्थान पर राघव, जानकी और शेष रखे गए हैं। इन कम प्रचलित नामों से चरित्रों का एक दूसरे को संबोधन भी दर्शकों को भाव विह्वल होने के मौके कम ही देता है। हनुमान को भी पूरी फिल्म में बार बार बजरंग कहकर ही संबोधित किया गया है।